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वर्क फ्रॉम होम या हर वक्त निगरानी? कैमरा मॉनिटरिंग के बाद 23 कर्मचारियों ने दिया इस्तीफा

वर्क फ्रॉम होम ने कर्मचारियों को सुविधा और आजादी दी, लेकिन अब यही व्यवस्था निगरानी और प्राइवेसी को लेकर सवालों के घेरे में है। अमेरिकी अरबपति वकील जॉन मॉर्गन के एक दावे ने बहस तेज कर दी है। उनका कहना है कि लैपटॉप कैमरा मॉनिटरिंग शुरू होने के महज सात दिनों में 23 कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ दी

Edited By: Anchal Jhaअपडेटेड Sep 14, 2026 पर 2:54 PM
वर्क फ्रॉम होम या हर वक्त निगरानी? कैमरा मॉनिटरिंग के बाद 23 कर्मचारियों ने दिया इस्तीफा
मॉर्गन की बात सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने जमकर प्रतिक्रिया दी।

वर्क फ्रॉम होम ने कर्मचारियों को सुविधा और आजादी जरूर दी, लेकिन अब यही व्यवस्था निगरानी और प्राइवेसी को लेकर नई बहस खड़ी कर रही है। अमेरिकी अरबपति वकील जॉन मॉर्गन के एक बयान ने इस बहस को और गर्म कर दिया है। उनका दावा है कि कंपनी ने कर्मचारियों के लैपटॉप में कैमरा मॉनिटरिंग शुरू की तो महज सात दिनों में 23 कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ दी।

मॉर्गन ने यह बात ‘The Iced Coffee Hour’ पॉडकास्ट में कही, जहां उन्होंने रिमोट वर्क, कर्मचारियों की जवाबदेही और ऑफिस लौटने को लेकर अपने अनुभव साझा किए।

ऑफिस आने से इनकार किया तो मिला दूसरा विकल्प

मॉर्गन के मुताबिक, कोरोना महामारी के बाद जब कर्मचारियों को वापस ऑफिस बुलाने की कोशिश की गई, तो कई लोगों ने इसका विरोध किया। ऐसे कर्मचारियों को घर से काम जारी रखने का विकल्प दिया गया। लेकिन इस सुविधा के साथ एक शर्त भी रखी गई कर्मचारियों के काम की कड़ी निगरानी की जाएगी। मॉर्गन ने दावा किया कि इसके लिए कर्मचारियों के वर्क लैपटॉप में कैमरे लगाए गए थे। उनका कहना था कि कंपनी कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दे रही थी, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित करना चाहती थी कि काम के दौरान कर्मचारी वास्तव में अपने काम पर ध्यान दे रहे हैं।

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