छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाएं अब केवल सरकारी आंकड़ों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि ये एक ऐसी सच्चाई बन चुकी हैं जो रोज किसी न किसी घर का चिराग बुझा रही है। साल 2025 में हालात और ज्यादा भयावह नजर आ रहे हैं। तेज रफ्तार वाहन, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और भारी गाड़ियों का बढ़ता दबाव सड़कों को मौत का रास्ता बना रहा है। शहर हों या हाईवे, हर जगह हादसों की खबरें आम होती जा रही हैं। इन दुर्घटनाओं में सिर्फ वाहन नहीं टकराते, बल्कि सपने, परिवार और भविष्य भी टूट जाते हैं। सबसे चिंताजनक बात ये है कि हादसों की संख्या के साथ-साथ मरने वालों और घायलों का आंकड़ा भी लगातार बढ़ रहा है।
