अफगानिस्तान में एक मोहल्ले की फार्मेसी से की गई एक छोटी-सी दवा खरीदारी आज एक बड़े क्षेत्रीय बदलाव की तस्वीर दिखा रही है। राजनीतिक तनाव और दवाओं की गुणवत्ता को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण पाकिस्तान का फार्मा एक्सपोर्ट लगातार घट रहा है। इसी बीच भारतीय दवाएं बिना ज़्यादा शोर किए इस कमी को पूरा कर रही हैं।यह कहानी पहले एक अफगान ब्लॉगर की सोशल मीडिया पोस्ट के रूप में सामने आई थी, लेकिन अब यह साफ संकेत दे रही है कि अफगानिस्तान की हेल्थकेयर सप्लाई चेन में बड़ा बदलाव हो चुका है। पाकिस्तान धीरे-धीरे इस सिस्टम से बाहर होता जा रहा है, जबकि भारत एक भरोसेमंद विकल्प के तौर पर उभर रहा है।
