ईरान युद्ध में अमेरिका के सबसे घातक हथियार की एंट्री! 965 किलोमीटर रेंज वाली JASSM-ER स्टील्थ मिसाइल तैनात; ट्रंप बोले- 'स्टोन युग में पहुंचा देंगे'

JASSM-ER Cruise Missile: वैसे भले ही अमेरिका ईरान के खिलाफ लंबी दूरी की मिसाइलों का उपयोग कर रहा है, लेकिन उसे भी भारी नुकसान झेलना पड़ा है। हाल ही में अमेरिका का एक F-15E फाइटर जेट और एक A-10 विमान मार गिराया गया है। इसके अलावा एक दर्जन से ज्यादा MQ-9 ड्रोनों को भी ईरान ने तबाह किया है

अपडेटेड Apr 05, 2026 पर 12:34 PM
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इसकी बनावट ऐसी है कि यह रडार की नजर में नहीं आती और दुश्मन के एयर डिफेंस को भेदकर गहराई में हमला करती है

JASSM ER Missile: ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष में अमेरिका ने अब अपना सबसे घातक हथियार युद्ध के मैदान में उतार दिया है। वॉशिंगटन ने ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए JASSM-ER नामक स्टील्थ क्रूज मिसाइलों की भारी तैनाती शुरू कर दी है। यह मिसाइल 600 मील यानी करीब 965 किलोमीटर दूर से दुश्मन के एयर डिफेंस को चकमा देकर सटीक हमला करने में सक्षम है, जिससे अमेरिकी पायलटों को खतरे वाले क्षेत्र में जाने की जरूरत नहीं पड़ती।

क्या है JASSM-ER और क्यों है यह इतनी घातक?

JASSM ER मिसाइल फिलहाल अमेरिकी वायु सेना की 'बैकबोन' बन गई है। यह 600 मील दूर से दुश्मन के ठिकानों को तबाह कर सकती है, जबकि साधारण JASSM की रेंज 250 मील ही थी। इसकी बनावट ऐसी है कि यह रडार की नजर में नहीं आती और दुश्मन के एयर डिफेंस को भेदकर गहरे अंदर तक हमला करती है। इन्हें B-52 और B-1B जैसे भारी बमवर्षक विमानों और स्ट्राइक फाइटर्स से लॉन्च किया जा रहा है।


पूरे ग्लोबल स्टॉक की तैनाती

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ईरान के खिलाफ अपने JASSM-ER मिसाइलों के लगभग पूरे भंडार का उपयोग करने की तैयारी कर रहा है। प्रशांत क्षेत्र और अमेरिका के मुख्य ठिकानों से इन $15 लाख की लागत वाली मिसाइलों को हटाकर ईरान से जुड़े 'सेंट्रल कमांड' बेस और ब्रिटेन के फेयरफोर्ड बेस पर भेजा गया है। युद्ध शुरू होने से पहले अमेरिका के पास करीब 2,300 मिसाइलें थीं। 28 फरवरी से अब तक 1,000 से ज्यादा मिसाइलें दागी जा चुकी हैं। अब स्टॉक में केवल 425 के करीब ऑपरेशनल मिसाइलें बची हैं।

अमेरिकी जनरल डैन केन के अनुसार, अब B-52 बमवर्षक ईरान के ऊपर उड़ान भर रहे हैं, जिससे सस्ते 'JDAM' गाइडेड बमों का उपयोग आसान हो गया है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि इंटरसेप्टर मिसाइलों का उत्पादन मांग के मुकाबले बहुत कम है। अमेरिका ने सैकड़ों टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें भी दागी हैं, जिससे उसके पुराने हथियारों का भंडार भी तेजी से खत्म हो रहा है।

ईरान के पलटवार में अमेरिका को भारी नुकसान

भले ही अमेरिका ईरान के खिलाफ लंबी दूरी की मिसाइलों का उपयोग कर रहा है, लेकिन उसे भी भारी नुकसान झेलना पड़ा है। हाल ही में अमेरिका का एक F-15E फाइटर जेट और एक A-10 विमान मार गिराया गया है। इसके अलावा एक दर्जन से ज्यादा MQ-9 ड्रोनों को भी ईरान ने तबाह किया है। खाड़ी देशों के अधिकारियों के अनुसार, ईरान ने अब तक क्षेत्र में 1,600 बैलिस्टिक मिसाइलें और लगभग 4,000 'शाहेद' टाइप क्रूज मिसाइलें दागी हैं।

ट्रंप ने दी भीषण हमले कि चेतावनी

युद्ध के अगले चरण को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने तनाव चरम पर पहुंचा दिया है। ट्रंप ने एक भाषण में कहा, 'अगले दो से तीन हफ्तों में, हम उन्हें वापस स्टोन युग में ले जाएंगे, जहां वे वास्तव में होने चाहिए।' अटकलें लगाई जा रही हैं कि अमेरिका ईरान के तेल निर्यात के मुख्य केंद्र 'खर्ग द्वीप' पर कब्जा करने की योजना बना रहा है।

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