Bangladesh protests News updates: बांग्लादेश में कथित ईशनिंदा के आरोप में दीपू चंद्र दास की हत्या के बाद पड़ोसी देश से एक और हिंदू व्यक्ति पर हमले की घटना सामने आई है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, खुलना डिवीजन के झेनैदाह जिले में एक हिंदू रिक्शा चालक पर भीड़ ने अचानक से हमला कर दिया। पीड़ित की पहचान गोविंद बिस्वास के रूप में हुई है। इससे पहले 25 वर्षीय दास की गुरुवार को मयमनसिंह शहर में भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में अशांति का एक नया दौर देखने को मिला है।
गोविंद बिस्वास पर शुक्रवार को तब हमला किया गया जब दंगाइयों ने उनकी कलाई पर एक लाल कलर का पवित्र धागा देखा, जो हिंदुओं द्वारा आमतौर पर पहना जाने वाला प्रतीक है। चश्मदीदों के मुताबिक, घटनास्थल पर अफवाहें फैलाई गई कि बिस्वास का संबंध भारत की इंटेलिजेंस एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) से है। इन अफवाहों के बाद भीड़ इकट्ठा हो गई। फिर उन्होंने उस पर हमला कर दिया।
बिस्वास को झेनैदाह जिला नगर पालिका के गेट के पास बेरहमी से पीटा गया। फिर पुलिस को सौंप दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित के गले और सीने में चोटें आई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बिस्वास को हिरासत में लिए जाते समय पुलिस से गुहार लगाते हुए देखा जा सकता है। इसमें वह कह रहा है कि वह एक रिक्शा चालक है। वह अपने आप को रिहा करने की गुजारिश कर रहा है। बाद में उसे झेनैदाह सदर पुलिस स्टेशन में हिरासत में लिया गया।
पुलिस स्टेशन के अंदर शूट किए गए एक अन्य वीडियो में एक अनजान व्यक्ति दावा कर रहा है कि बिस्वास के मोबाइल फोन में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से जुड़े कई WhatsApp ट्रांजैक्शन दिखे। उन्होंने दावा किया कि उसे भारत के किसी व्यक्ति का फोन आया था। रिपोर्ट के अनुसार, बिस्वास ने पुलिस को बताया कि फोन करने वाला उसे पर्सनली जानता था।
झिनाइदा सदर पुलिस स्टेशन के इंचार्ज अधिकारी ने बिस्वास की हिरासत की पुष्टि करते हुए कहा कि शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि वह कई सालों तक भारत में रहा था। अधिकारी ने कहा कि पुलिस भारतीय एजेंसियों से संभावित संबंधों के आरोपों की जांच कर रही है।
इस बीच, दीपू चंद्र दास हत्याकांड मामले में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने शनिवार को कहा कि हिंदू व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मैमेनसिंह शहर में कथित ईशनिंदा को लेकर भीड़ ने दीपू चंद्र दास की पीटकर हत्या करने के बाद शव को आग लगा दी थी।
पुलिस के अनुसार, मजदूरी करने वाले दास को पहले भीड़ ने ईशनिंदा के आरोपों में फैक्टरी के बाहर पीटा। फिर पेड़ से टांग दिया। पुलिस ने कहा कि इसके बाद भीड़ ने मृतक के शव को ढाका-मैमेनसिंह हाईवे के किनारे छोड़ दिया। फिर बाद में उसमें आग लगा दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने उनका शव बरामद किया। फिर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए मैमेनसिंह मेडिकल कॉलेज के शवगृह में भेज दिया। बांग्लादेश में पिछले साल अगस्त में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत आने के बाद अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ सिलसिलेवार घटनाएं हुई हैं।