बैंक ऑफ जापान ने शुक्रवार को प्रमुख ब्याज दरें 0.25% बढ़ा दीं। इसके बाद जापान में बेंचमार्क इंट्रेस्ट रेट 30 सालों के हाई पर पहुंच गई है। दशकों की भारी मौद्रिक सहायता और लगभग शून्य उधार लागत को खत्म करने की दिशा में यह एक और ऐतिहासिक कदम है। ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बड़े पैमाने पर उम्मीद की जा रही थी। रॉयटर्स के मुताबिक, जापान के केंद्रीय बैंक ने सर्वसम्मति से शॉर्ट-टर्म ब्याज दरों को 0.5% से बढ़ाकर 0.75% कर दिया। 1995 के बाद पहली बार प्रमुख ब्याज दर इस लेवल पर पहुंची है।
बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काजुओ उएदा हैं। प्रमुख पॉलिसी रेट बढ़ने के बाद बेंचमार्क 10-साल के जापानी सरकारी बॉन्ड पर यील्ड मई 2006 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। यील्ड 3.5 बेसिस पॉइंट चढ़कर 2% के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर पर पहुंच गई। ब्याज दर पर केंद्रीय बैंक का रुख आगे भी कड़ा रहने का संकेत है।
बाजार अगले साल ब्याज दर में केवल एक और बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि उएदा ने सुझाव दिया है कि दरों के लिए एक न्यूट्रल रेंज 1% से लेकर 2.5% तक हो सकती है। अगर वह कोई ऐसा संकेत देते हैं कि 2026 में दरों में एक से ज्यादा बार बढ़ोतरी की जा सकती है तो निवेशक सतर्क रहेंगे। शुक्रवार को जारी आंकड़ों से पता चला है कि नवंबर में जापान की कोर खुदरा महंगाई सालाना आधार पर 3% की दर से बढ़ी।
दिसंबर की मीटिंग में अमेरिका के फेडरल रिजर्व ने प्रमुख ब्याज दर को 0.25 प्रतिशत घटाया। भारत के केंद्रीय बैंक RBI ने भी दिसंबर की मीटिंग में ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की। इसके बाद देश में रेपो रेट 5.25 प्रतिशत है।
एशियाई शेयर बाजारों ने शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी से मिले गेन को बनाए रखा। हालांकि जापानी मुद्रा येन कमजोर हुई। जापान का निक्केई 1.3% ऊपर था। दक्षिण कोरिया का मार्केट 0.8% और ताइवान वेटेड 1.3% ऊपर था। चीनी ब्लू चिप्स शेयरा में 0.6% की बढ़ोतरी हुई।