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क्या शी जिनपिंग से उठ चुका है चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी का भरोसा! तलाश रही विकल्प

हालांकि शी अभी भी सत्ता में हैं, लेकिन पार्टी के अंदर उनका विरोध बढ़ता जा रहा है, खासकर हाल के राजनीतिक और आर्थिक फैसलों में लगातार नाकामी की वजह से। कहा जा रहा है कि CCP सेना और अर्थव्यवस्था में संतुलन बनाकर आगे की राह तलाश रही है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Jul 07, 2025 पर 7:11 PM
क्या शी जिनपिंग से उठ चुका है चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी का भरोसा! तलाश रही विकल्प
CCP और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच आम सहमति यह है कि शी का वैचारिक मॉडल अब प्रभावी नहीं है।

चीन के वर्तमान राष्ट्रपति शी जिनपिंग से लगता है कि चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) का भरोसा उठ गया है। पार्टी को जिनपिंग अब चीन की लॉन्ग टर्म स्थिरता के लिए एक लायबिलिटी लग रहे हैं। इसके चलते पार्टी उनकी जगह ले सकने वाले नए चेहरे तलाश रही है। यह बात CNN-News18 को सूत्रों से पता चली है। उनका कहना है कि CCP के वरिष्ठ नेता, शी की वैचारिक कट्टरता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आक्रामक रुख से निराश हैं। उनका मानना है कि इसने चीन की स्थिरता और छवि दोनों को नुकसान पहुंचाया है।

CCP और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच आम सहमति यह है कि शी का वैचारिक मॉडल अब प्रभावी नहीं है। सूत्रों का कहना है कि शी के सेंट्रलाइजेशन और वैचारिक कैंपेन्स ने CCP के अंदर प्रमुख गुटों को निराश किया है। सभी पर लगातार जासूसी करने से चीन का टेक्नोलॉजिकल बेस कमजोर हो रहा है और संस्थागत मनोबल गिर रहा है। ली शांगफू और किन गैंग जैसे उनके भरोसेमंद अधिकारियों को हटाने से आंतरिक असुरक्षा और बढ़ गई है।

शी के विकल्प क्या हैं?

दो नाम प्रमुखता से सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक खुफिया सूत्रों से पता चला है कि पहला नाम जनरल झांग योउशिया का है, जो सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के पहले वाइस चेयरमैन हैं। वह पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के पीछे की रियल पावर के तौर पर उभरे हैं। उन्हें कभी शी का करीबी माना जाता था। लेकिन अब वह एक स्वतंत्र सैन्य नीति अपना रहे हैं। उन्हें हू जिंताओ और वेन जियाबाओ जैसे पूर्व नेताओं का सपोर्ट हासिल है। जनरल झांग का बढ़ता कद इस ओर इशारा करता है कि सेना अब शी की सीधी पकड़ से बाहर निकल रही है।

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