Davos 2026: दमदार मौजूदगी के लिए भारत तैयार, WEF की सालाना मीटिंग का ये चेहरे बनेंगे हिस्सा
Davos 2026: ईवेंट के दौरान इंडियन लीडर्स के कई पैनल डिस्कशंस में भाग लेने की उम्मीद है। इसके अलावा द्विपक्षीय बैठकें भी की जाएंगी। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी भी 'अलायंस फॉर ग्लोबल गुड: जेंडर इक्विटी एंड इक्वेलिटी' की फाउंडर और चेयरपर्सन के रूप में वहां होंगी
WEF की सालाना बैठक में 1700 से अधिक बिजनेस लीडर होंगे, जिनमें से आधे CEO या चेयरपर्सन हैं।
विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum or WEF) की 56वीं सालाना आम बैठक 19 जनवरी से स्विट्जरलैंड के शहर दावोस में होने जा रही है। इस 5 दिन के ईवेंट में भारत एक दमदार प्रतिनिधित्व के लिए तैयार है। ईवेंट के लिए दुनिया भर के दिग्गज दावोस में जुटना शुरू हो गए हैं। इस साल WEF की सालाना बैठक में 130 देशों से 3,000 से अधिक ग्लोबल लीडर्स की भागीदारी देखने को मिलेगी। 1700 से अधिक बिजनेस लीडर होंगे, जिनमें से आधे CEO या चेयरपर्सन हैं।
सिविल सोसाइटी और सोशल सेक्टर के करीब 200 लीडर भी हिस्सा लेंगे। इनमें लेबर यूनियन, गैर-सरकारी और धार्मिक संगठन, साथ ही दुनिया की जानी-मानी यूनिवर्सिटीज, रिसर्च संस्थानों और थिंक टैंक के एक्सपर्ट और हेड भी शामिल होंगे। 30 से अधिक विदेश मंत्री, 60 से अधिक वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक के गवर्नर, और 30 से अधिक व्यापार मंत्री भी शामिल होंगे।
दुनिया भर के अमीर और शक्तिशाली लोगों के इस सालाना जमावड़े का सबसे बड़ा आकर्षण होंगे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। वह अपने मंत्रिमंडल के 5 सदस्यों के साथ हिस्सा लेने वाले हैं। सात G-7 देशों में से 6 देशों का प्रतिनिधित्व उनकी टॉप लीडरशिप द्वारा किया जाएगा। चीन और पाकिस्तान के भी बड़े प्रतिनिधिमंडल इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
भारत से कौन-कौन हो रहा शामिल
भारत की बात करें तो भारत की ओर से भी एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल इस बैठक में शामिल होगा। भारत से कम से कम 4 केंद्रीय मंत्री- अश्विनी वैष्णव, शिवराज सिंह चौहान, प्रल्हाद जोशी और के राम मोहन नायडू के साथ ही 6 मुख्यमंत्रियों के पहुंचने की उम्मीद है। साथ ही देश के 100 से अधिक टॉप सीईओ भी वहां होंगे। मुख्यमंत्रियों में महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस, आंध्र प्रदेश के एन चंद्रबाबू नायडू, असम के हिमंत विश्व शर्मा, मध्य प्रदेश के मोहन यादव, तेलंगाना के ए रेवंत रेड्डी और झारखंड के हेमंत सोरेन शामिल हैं। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष रमेशभाई संघवी के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और केरल से एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी दावोस जाएगा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी भी 'अलायंस फॉर ग्लोबल गुड: जेंडर इक्विटी एंड इक्वेलिटी' की फाउंडर और चेयरपर्सन के रूप में वहां होंगी। इस अलायंस की की शुरुआत कुछ साल पहले दावोस में ही हुई थी। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल के भी इस बैठक में शामिल होने की उम्मीद है।
भारत के बिजनेस लीडर्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी, टाटा समूह के एन चंद्रशेखरन, बजाज समूह के संजीव बजाज, जुबिलेंट भरतिया समूह के हरि एस भरतिया और टीवीएस मोटर के सुदर्शन वेणु दावोस जाएंगे। इसके अलावा एक्सिस बैंक के अमिताभ चौधरी, गोदरेज इंडस्ट्रीज के नादिर गोदरेज, जेएसडब्ल्यू समूह के सज्जन जिंदल, जीरोधा के निखिल कामत, भारती समूह के सुनील भारती मित्तल, इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि, इंफोसिस के सीईओ सलिल एस पारेख, विप्रो के ऋषद प्रेमजी, एस्सार के सीईओ प्रशांत रुइया, पेटीएम के विजय शेखर शर्मा और रिन्यू के सीईओ सुमंत सिन्हा भी शामिल होंगे।
शिखर सम्मेलन के दौरान इंडियन लीडर्स के कई पैनल डिस्कशंस में भाग लेने की उम्मीद है। इनमें 'क्या भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है' विषय पर एक चर्चा भी शामिल है। इसके अलावा द्विपक्षीय बैठकें भी की जाएंगी।
डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटर्नल ट्रेड (DPIIT) के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया के साथ ही कई सरकारी कंपनियों के प्रमुख भी वहां होंगे। जैसे कि इंडियन ऑयल के अरविंदर सिंह साहनी, गेल के संदीप कुमार गुप्ता, SBI के सी एस शेट्टी और आरईसी के जितेंद्र श्रीवास्तव।
कौन-कौन से वैश्विक दिग्गज
प्रमुख नेताओं की बात करें तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, चीनी उप-प्रधानमंत्री हे लिफेंग, स्विस राष्ट्रपति गाइ पारमेलिन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, फिलिस्तीनी राष्ट्रीय प्राधिकरण के प्रधानमंत्री मोहम्मद मुस्तफा, इजरायली राष्ट्रपति इसाक हर्जोग और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की शामिल हैं। अर्जेंटीना, इंडोनेशिया, आर्मेनिया, अजरबैजान, कोलंबिया, कांगो, इक्वाडोर, फिनलैंड, मोजाम्बिक, पोलैंड, सर्बिया, सिंगापुर, इजरायल और सीरिया के राष्ट्रपति के साथ ही स्पेन, बेल्जियम, ग्रीस, नीदरलैंड और कतर के प्रधानमंत्री भी बैठक में शामिल होंगे।
भारत से बाहर के कॉरपोरेट सेक्टर की बात करें तो माइक्रोसॉफ्ट के सत्या नडेला, Nvidia के जेनसेन हुआंग, मेटा से डीना पॉवेल मैककॉर्मिक, OpenAI से सारा फ्रायर, एजिलिटी रोबोटिक्स से पेगी जॉनसन समेत कई बड़े सीईओ और चेयरपर्सन हिस्सा लेने वाले हैं।
शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों में संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष अजय एस बंगा, आईएमएफ की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टालिना जॉर्जीवा, यूरोपीय सेंट्रल बैंक की अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड, डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्येयियस, यूनेस्को के महानिदेशक खालिद अल-इनानी, डब्ल्यूटीओ की महानिदेशक नगोजी ओकोंजो-इवेला और लंदन के मेयर सादिक खान शामिल हैं। इसके अलवा नाटो, यूएनडीपी, ओईसीडी, संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त और खाड़ी सहयोग परिषद के प्रमुख भी शामिल होंगे।