ईरान की डेडलाइन से ठीक पहले ट्रंप करेंगे बड़ी बैठक, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ व्हाइट हाउस में होगी खास मीटिंग

Trump-Iran War: ट्रंप और गोर की यह मुलाकात मंगलवार को ईस्टर्न टाइम के हिसाब से शाम 7:00 बजे निर्धारित है। ट्रंप ने ईरान को समझौता करने या रास्ता खोलने के लिए रात 8:00 बजे तक का समय दिया है। यानी राजदूत के साथ बैठक के ठीक एक घंटे बाद डेडलाइन खत्म हो जाएगी

अपडेटेड Apr 07, 2026 पर 10:47 AM
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ट्रंप ने स्पष्ट कहा है कि अगर समय सीमा खत्म होने तक कोई समझौता नहीं हुआ, तो ईरान में भयंकर तबाही होगी

Iran Deadline: मिडिल ईस्ट में जारी मौजूदा संकट के बीच एक बड़ी कूटनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज रात व्हाइट हाउस में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं। यह बैठक उस समय हो रही है जब ईरान के लिए ट्रंप द्वारा तय की गई 48 घंटे की समय सीमा खत्म होने वाली है। दरअसल ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी हुई है कि अगर वह मंगलवार तक होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोलता है, तो उसे 'तबाही' का सामना करना पड़ सकता है।

बैठक का समय और ईरान की डेडलाइन

राष्ट्रपति ट्रंप और गोर की यह मुलाकात मंगलवार को ईस्टर्न टाइम के हिसाब से शाम 7:00 बजे निर्धारित है। ट्रंप ने ईरान को समझौता करने या रास्ता खोलने के लिए रात 8:00 बजे तक का समय दिया है। यानी राजदूत के साथ बैठक के ठीक एक घंटे बाद डेडलाइन खत्म हो जाएगी। ट्रंप ने स्पष्ट कहा है कि अगर समय सीमा खत्म होने तक कोई समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों को निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने इसे 'पावर प्लांट डे' और 'ब्रिज डे' करार दिया है।


गोर के साथ ही क्यों मीटिंग करेंगे ट्रंप?

सर्जियो गोर केवल भारत में अमेरिकी राजदूत ही नहीं हैं, बल्कि ट्रंप प्रशासन के बेहद करीबी विश्वासपात्र माने जाते हैं। वे भारत में राजदूत होने के साथ-साथ दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के विशेष दूत के रूप में भी कार्यरत हैं। राजदूत बनने से पहले गोर व्हाइट हाउस के 'प्रेसिडेंशियल पर्सनेल ऑफिस' के प्रमुख थे। उन्होंने ट्रंप और उनके बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया है।

ईरान ने समझौते के बजाय 'स्थायी शांति' की मांग

दूसरी ओर ईरान झुकने के मूड में नहीं दिख रहा है। तेहरान का कहना है कि वह केवल अस्थायी युद्धविराम नहीं, बल्कि युद्ध का पूरी तरह और स्थायी अंत चाहता है। ईरान ने अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने से इनकार किया है, जिससे दुनिया भर के तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।

क्या टल जाएगा हमला?

इस बैठक को लेकर वैश्विक बाजार और कूटनीतिज्ञ बेहद सतर्क हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या ट्रंप भारत के जरिए या भारत के प्रभाव का इस्तेमाल करके ईरान के साथ किसी अंतिम क्षण के समझौते की कोशिश कर रहे हैं। अगर यह डेडलाइन बिना किसी नतीजे के खत्म होती है, तो पश्चिम एशिया में एक पूर्ण युद्ध छिड़ने की आशंका है।

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