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Dubai-Abu Dhabi News: यूएई में भ्रामक कंटेंट पर सख्ती! 19 भारतीयों सहित 35 लोग गिरफ्तार, जानें- क्या है पूरा मामला

Dubai-Abu Dhabi News: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने 35 लोगों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। इनमें 19 भारतीय शामिल हैं। इन लोगों पर इजरायल, अमेरिका और ईरान से जुड़े युद्ध के कारण बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं मनगढ़ंत वीडियो क्लिप शेयर करने का आरोप है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Mar 16, 2026 पर 9:19 AM
Dubai-Abu Dhabi News: यूएई में भ्रामक कंटेंट पर सख्ती! 19 भारतीयों सहित 35 लोग गिरफ्तार, जानें- क्या है पूरा मामला
Dubai-Abu Dhabi News: आरोपियों पर सोशल मीडिया पर भ्रामक और मनगढ़ंत वीडियो क्लिप शेयर करने का आरोप है

Dubai-Abu Dhabi News: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने क्षेत्रीय तनाव के बीच सोशल मीडिया पर भ्रामक और मनगढ़ंत वीडियो क्लिप साझा करने के आरोप में 19 भारतीय नागरिकों समेत 35 लोगों की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। UAE की आधिकारिक न्यूज एजेंसी WAM के अनुसार, आरोपियों को तत्काल सुनवाई के लिए अदालत में पेश किया जाएगा। ताजा लिस्ट में विभिन्न देशों के 25 लोग शामिल हैं। इनमें 17 भारतीय हैं।

यह लिस्ट शनिवार को नामित किए गए 10 लोगों से अलग है, जिनमें दो भारतीय भी शामिल थे। उनकी गिरफ्तारी का आदेश पहले ही दिया जा चुका है। यूएई के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमाद सैफ अल शम्सी द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह कार्रवाई डिजिटल मंच की सख्त निगरानी के बाद की गई है। इसका उद्देश्य फर्जी जानकारी और AI से तैयार सामग्री के प्रसार को रोकना है, जो सार्वजनिक अव्यवस्था फैलाने और सामान्य स्थिरता को कमजोर करने की कोशिश करती है।

जांच और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी में पता चला कि आरोपी तीन समूहों में बंटे हुए थे। वे अलग-अलग गतिविधियों में शामिल थे। इनमें मौजूदा घटनाओं से जुड़े वास्तविक वीडियो क्लिप पोस्ट करना, एआई की मदद से नकली वीडियो बनाना शामिल था। साथ ही सैन्य आक्रामकता करने वाले किसी देश की प्रशंसा करते हुए उसके नेतृत्व और सैन्य कार्रवाई का प्रचार करना शामिल है। यह कार्रवाई इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि UAE के कानून के तहत इन अपराधों के लिए कम से कम एक साल की जेल और कम से कम 100,000 AED का जुर्माना हो सकता है। उन्होंने कहा, "ऐसी घटनाओं का इस्तेमाल गलत जानकारी फैलाने के लिए किया गया है, जिसका मकसद जान-बूझकर जनता को गुमराह करना और साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा, व्यवस्था और स्थिरता को कमज़ोर करना है।"

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