Epstein Files: अमेरिका के न्याय विभाग (DoJ) द्वारा जारी नए गोपनीय दस्तावेजों ने दिवंगत यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के मध्य पूर्व में गहरे संपर्कों का पर्दाफाश किया है। इन फाइलों से पता चलता है कि एपस्टीन ने अपनी दौलत और रसूख का इस्तेमाल कतर, सऊदी अरब, यूएई और मिस्र के शक्तिशाली राजनीतिक और व्यापारिक दिग्गजों के बीच पैठ बनाने के लिए किया था। इन खुलासों के बाद खाड़ी देशों के गलियारों में हड़कंप मच गया है।
कतर को इजरायल के करीब लाने की कोशिश
दस्तावेजों के अनुसार, 2017-2021 के बीच जब पड़ोसी देशों ने कतर की नाकेबंदी की थी, तब एपस्टीन ने वहां के शाही परिवार के सदस्य शेख जबर यूसुफ जसीम अल थानी से संपर्क किया था। एपस्टीन ने कतर को सलाह दी थी कि वह तत्कालीन ट्रंप प्रशासन के करीब आने के लिए या तो इजरायल को मान्यता दे दे या 'आतंकवाद पीड़ितों के फंड' में $1 बिलियन यानी करीब ₹8300 करोड़ दान करे। हालांकि, कतर ने इन सुझावों को नहीं माना और अपनी स्वतंत्र नीति पर कायम रहा।
दस्तावेजों से यह भी पता चला है कि एपस्टीन मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति होर्नी मुबारक के परिवार के सदस्यों के साथ भी संपर्क में था। वह मिस्र की क्रांति के बाद वहां की राजनीतिक चुनौतियों और कानूनी उलझनों में दखल देने की कोशिश कर रहा था।
सउदी अरामको के IPO में दखलंदाजी
दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको के आईपीओ को लेकर भी एपस्टीन सक्रिय था। सितंबर 2016 के ईमेल में एपस्टीन ने चेतावनी दी थी कि अरामको को पब्लिक करने से सऊदी अरब विदेशी मुकदमों और संपत्ति जब्ती के जोखिम में फंस सकता है। अक्टूबर 2017 में उसने सलाह दी कि सऊदी अरब को अरामको की $100 बिलियन की हिस्सेदारी सीधे चीन को बेच देनी चाहिए, ताकि पब्लिक मार्केट के झंझट से बचा जा सके और कैश भी मिल जाए।
DP World के चीफ का इस्तीफा
इन खुलासों का सबसे बड़ा शिकार दुनिया की बड़ी लॉजिस्टिक्स कंपनी DP World के प्रमुख सुल्तान अहमद बिन सुलेयम बने हैं। दस्तावेजों में नाम आने और एपस्टीन के साथ पत्राचार के खुलासे के बाद उन्होंने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।हालांकि नाम आना ही अपराध का सबूत नहीं है, लेकिन निवेशकों और वित्तीय समर्थकों के बढ़ते दबाव के कारण उन्हें पद छोड़ना पड़ा।