Get App

'भारत डिक्टेशन नहीं लेता, मोलभाव करता है', ट्रेड डील पर नवाज शरीफ के करीबी ने भारतीय कूटनीति का लोहा माना

Pakistan On India-US Trade Deal: 8 फरवरी को हुई इस ऐतिहासिक डील ने भारत को एक बड़ी राहत दी है। अमेरिका ने न केवल रूसी तेल की खरीद की वजह से लगाया गया 25% अतिरिक्त टैरिफ हटा दिया है, बल्कि पारस्परिक टैरिफ को भी 25% से घटाकर 18% कर दिया है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Feb 10, 2026 पर 1:24 PM
'भारत डिक्टेशन नहीं लेता, मोलभाव करता है', ट्रेड डील पर नवाज शरीफ के करीबी ने भारतीय कूटनीति का लोहा माना
सेठी ने शहबाज शरीफ सरकार द्वारा डोनाल्ड ट्रंप की अत्यधिक 'चापलूसी' किए जाने पर तंज कसा

Pakistan On Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच हुई ऐतिहासिक ट्रेड डील ने न केवल वैश्विक बाजार को चौंकाया है, बल्कि पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में भी इसकी खूब चर्चा हो रही है। पाकिस्तान के मशहूर राजनीतिक विश्लेषक और नवाज शरीफ के करीबी सलाहकार नजम सेठी ने एक टीवी इंटरव्यू में भारतीय कूटनीति की जमकर तारीफ की है। सेठी ने कहा कि भारत किसी भी महाशक्ति से 'डिक्टेशन' यानी आदेश नहीं लेता, बल्कि मेज पर बैठकर अपने हितों के लिए कड़ा मोलभाव करता है। उन्होंने पाकिस्तान की 'जज्बाती' राजनीति और भारत की 'व्यावहारिक' कूटनीति के बीच एक गहरी लकीर खींचते हुए अपनी ही सरकार को आईना दिखाया है।

सम्मान की राजनीति बनाम व्यावहारिक कूटनीति

नजम सेठी का मानना है कि पाकिस्तान की राजनीति अक्सर 'इज्जत और सम्मान' के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें कूटनीतिक नफे-नुकसान से ज्यादा भावनाओं को तरजीह दी जाती है। इसके विपरीत, भारत खामोशी से वे रियायतें देता है जो उसके दीर्घकालिक हित में होती हैं। सेठी ने कहा, 'भारत ने डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने पत्ते बहुत बखूबी खेले हैं। उसने कुछ रियायतें जरूर दी हैं, लेकिन इस तरह कि उसकी घरेलू अर्थव्यवस्था और किसानों पर कोई आंच न आए।' उन्होंने भारत-US डील का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे भारत ने अपने संवेदनशील कृषि क्षेत्रों को बचाते हुए अमेरिकी निर्यातकों को सीमित रास्ता दिया, जो एक परिपक्व कूटनीति की निशानी है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें