Iran Offers US Hormuz Deal: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को एक नया शांति प्रस्ताव भेजा है। पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए भेजे गए इस प्रस्ताव में ईरान ने 'होमुर्ज जलडमरूमध्य' को फिर से खोलने और जारी जंग को स्थायी रूप से खत्म करने की पेशकश की है। हालांकि, ईरान ने बीतचीत में सबसे विवादित मुद्दे परमाणु वार्ता को फिलहाल टालने का सुझाव दिया है।
सिचुएशन रूम में ट्रंप की हाई-लेवल मीटिंग
एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रस्ताव के मिलने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज व्हाइट हाउस के 'सिचुएशन रूम' में अपनी टॉप नेशनल सिक्योरिटी और फॉरेन पॉलिसी टीम के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस बैठक में तय होगा कि अमेरिका ईरान की इन नई शर्तों को स्वीकार करेगा या अपनी घेराबंदी और सख्त करेगा।
ईरान के नए प्रस्ताव में क्या-क्या है?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची द्वारा पाकिस्तानी, मिस्र, तुर्की और कतरी मध्यस्थों के जरिए भेजे गए प्रस्ताव के मुख्य बिंदु ये हैं:
स्थायी युद्धविराम: युद्ध को लंबे समय के लिए रोकने या इसे स्थायी रूप से खत्म करने पर सहमति।
होमुर्ज को खोलना: समुद्री रास्तों से प्रतिबंध हटाना और तेल व माल की आवाजाही को फिर से बहाल करना।
परमाणु वार्ता में देरी: ईरान चाहता है कि परमाणु मुद्दों पर चर्चा बाद के चरणों में की जाए, पहले घेराबंदी खत्म हो।
ट्रंप अपनाए हुए है कड़ा रुख
ईरान के प्रस्ताव पर व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अमेरिका प्रेस के जरिए बातचीत नहीं करेगा। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के हवाले से कहा, 'अमेरिका के पास सारे पत्ते मौजूद हैं। हम केवल वही डील करेंगे जो अमेरिकी जनता के हित में हो। ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति कभी नहीं दी जाएगी।'
ट्रंप ने ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए एक तकनीकी चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि अगर होमुर्ज की लाइनें बंद रहती हैं और भारी मात्रा में तेल सिस्टम में जमा होता है, तो वह अंदर से 'फट' सकता है। उनके मुताबिक, ईरान के पास इस स्थिति को संभालने के लिए केवल तीन दिन का समय है।
पाकिस्तान यात्रा रद्द होने पर बोले ट्रंप
ट्रंप ने अपने दूतों की इस्लामाबाद यात्रा रद्द करने के फैसले का बचाव करते हुए कहा, 'सिर्फ बैठने के लिए 18 घंटे की उड़ान क्यों?' ट्रंप ने कहा कि मौजूदा स्थिति में इतनी लंबी यात्रा का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने साफ किया कि अगर ईरानी बातचीत करना चाहते हैं, तो वे फोन कर सकते हैं। हम वहां जाकर सिर्फ बैठने के लिए यात्रा नहीं करेंगे।
ईरान के नेतृत्व में सामने आ रहे मतभेद
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के भीतर भी नेतृत्व में इस बात को लेकर आम सहमति नहीं है कि अमेरिकी मांगों जैसे- 10 साल तक यूरेनियम संवर्धन बंद करना पर क्या प्रतिक्रिया दी जाए। यही कारण है कि तेहरान परमाणु बातचीत को पीछे धकेलकर पहले आर्थिक और समुद्री राहत चाहता है।