Israel On High Alert: ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों और बढ़ती हिंसा के बीच पश्चिम एशिया में युद्ध के बादल मंडराने लगे है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल ने अपनी सेना और सुरक्षा एजेंसियों को 'हाई अलर्ट' पर रखा है। यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने ईरान को 'आजादी' दिलाने के लिए अमेरिकी हस्तक्षेप के संकेत दिए थे।
इजरायल में बढ़ी कूटनीतिक हलचल
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, इजरायली सुरक्षा से जुड़े सूत्रों ने पुष्टि की है कि अगर अमेरिका ईरान में सैन्य हस्तक्षेप करता है, तो इजरायल किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। शनिवार को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से फोन पर लंबी बात की। इस बातचीत का मुख्य केंद्र ईरान में संभावित अमेरिकी कार्रवाई और उसके बाद पैदा होने वाले क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरण थे।
हालांकि इजरायल खुद सीधे तौर पर प्रदर्शनों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहता, लेकिन वह अमेरिकी कार्रवाई के बाद होने वाले 'ईरानी पलटवार' से बचने के लिए रक्षात्मक मुद्रा में है।
ट्रंप ने जून 2025 के हमले का जिक्र कर दी चेतावनी
ट्रंप प्रशासन ईरान के प्रति अपनी 'मैक्सिमम प्रेशर' नीति को अब सैन्य विकल्पों की ओर ले जाता दिख रहा है। ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरानी अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी जारी रखी, तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा और इसका कड़ा जवाब देगा। याद रहे कि जून 2025 में अमेरिका ने ईरान के फोर्डो परमाणु संयंत्र पर 6 शक्तिशाली 'बंकर-बस्टर' बम गिराकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया था। वर्तमान में भी ऐसे ही हवाई हमलों की योजना की खबरें चर्चा में हैं।
ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों में 116 की गई जान
ईरान के भीतर हालात बेकाबू होते जा रहे है। 'ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी' (HRANA) के अनुसार, दो हफ्तों से जारी प्रदर्शनों में अब तक 116 लोग मारे जा चुके हैं और 2,600 से अधिक लोगों को जेलों में डाल दिया गया है। सर्वोच्च नेता खामेनेई ने ट्रंप पर 'ईरानियों के खून से हाथ रंगने' का आरोप लगाया है और प्रदर्शनकारियों को अमेरिकी एजेंट करार दिया है।