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Israel-US Iran War: 'ऐसा हमला करेंगे जैसा आज तक नहीं हुआ'; डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी भीषण हमले की चेतावनी

Israel-US Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को हमले तेज न करने की चेतावनी दी है। उन्होंने रविवार (1 मार्च) को ऑनलाइन माध्यम से कहा कि अमेरिका ऐसी ताकत के साथ जवाब देगा जो पहले कभी नहीं देखा गया होगा। ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद ये धमकी दी है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Mar 01, 2026 पर 12:32 PM
Israel-US Iran War: 'ऐसा हमला करेंगे जैसा आज तक नहीं हुआ'; डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी भीषण हमले की चेतावनी
Israel-US Iran War: ईरान ने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने की कसम खाई है

Israel-US Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को हमले तेज न करने की चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिका ऐसी ताकत के साथ जवाब देगा जो पहले कभी नहीं देखा गया होगा। अमेरिका राष्ट्रपति ने ईरान के पलटवार वाले धमकी पर कहा कि ऐसा हमला करेंगे जैसा आज तक नहीं हुआ। ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' के जरिए रविवार (1 मार्च) को ये टिप्पणियां ऐसे समय में की जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की जिम्मेदारी स्वीकार करने के बाद उन्हें धमकियां मिली हैं।

ट्रंप ने लिखा, "ईरान ने अभी-अभी कहा है कि वे आज बहुत ज़ोरदार हमला करेंगे, जितना उन्होंने पहले कभी नहीं किया।" उन्होंने आगे कहा, "लेकिन उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि अगर उन्होंने ऐसा किया, तो हम उन पर ऐसी ताकत से हमला करेंगे जो पहले कभी नहीं देखा गया होगा।"

बता दें कि ईरान ने मिडिल ईस्ट में हमला तेज कर दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर अपने एक पोस्ट में लिखा, "ईरान ने अभी कहा कि वे आज बहुत जोरदार हमला करेंगे, जितना उन्होंने पहले कभी नहीं किया। बेहतर होगा कि वे ऐसा न करें, क्योंकि अगर वे ऐसा करते हैं। तो हम उन पर ऐसी ताकत से हमला करेंगे जो पहले कभी नहीं देखी गई।"

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत ने देश के भविष्य को लेकर बेहद महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, मौलवियों की एक समिति को उनके स्थान पर नए नेता के चयन का काम सौंपा गया है। ईरान के संविधान के तहत 88 सदस्यीय समिति असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स (विशेषज्ञों की सभा) नए सर्वोच्च नेता का चयन करेगी। इस निकाय में केवल शिया धर्मगुरु शामिल होते हैं, जिन्हें हर आठ वर्ष में जनमत के आधार पर चुना जाता है।

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