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Khaleda Zia: तख्तापलट में हुईं विधवा, बनीं बांग्लादेश की पहली महिला PM, अपनी इच्छा से नहीं त्रासदी से बनीं राजनेता

Khaleda Zia Death: खालिदा जिया अपने पीछे एक ऐसे देश को छोड़ गईं, जिसे बनाने में उनका बड़ा योगदान था- पहले वह लोकतंत्र का ऐसा प्रतीक बनीं, जो वो बनना नहीं चाहती थीं और बाद में एक मजबूत नेता के रूप में उभरीं, जिन्होंने कठिन राजनीतिक माहौल में अपनी जगह बनाई

Shubham Sharmaअपडेटेड Dec 30, 2025 पर 1:52 PM
Khaleda Zia: तख्तापलट में हुईं विधवा, बनीं बांग्लादेश की पहली महिला PM, अपनी इच्छा से नहीं त्रासदी से बनीं राजनेता
Khaleda Zia: तख्तापलट में हुईं विधवा, बनीं बांग्लादेश की पहली महिला PM, अपनी इच्छा से नहीं त्रासदी से बनीं राजनेता

बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री और देश की सबसे प्रभावशाली राजनीतिक हस्तियों में से एक, खालिदा जिया का मंगलवार, 30 दिसंबर, 2025 को कई दिनों तक बीमारी से जूझने के बाद निधन हो गया। वह 80 साल की थीं। उनकी पार्टी ने अपने सोशल मीडिया पेज पर उनके निधन की दुखद खबर की घोषणा करते हुए बताया कि फज्र की नमाज के ठीक बाद आज सुबह लगभग 6 बजे उनका निधन हो गया।

BNP ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट में कहा, "हम उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं और सभी से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने का अनुरोध करते हैं"। खालिदा जिया अपने पीछे एक ऐसे देश को छोड़ गईं, जिसे बनाने में उनका बड़ा योगदान था- पहले वह लोकतंत्र का ऐसा प्रतीक बनीं, जो वो बनना नहीं चाहती थीं और बाद में एक मजबूत नेता के रूप में उभरीं, जिन्होंने कठिन राजनीतिक माहौल में अपनी जगह बनाई।

उन्हें राजनीति के कठिन रास्तों के लिए तैयार नहीं किया गया था, लेकिन फिर भी वे बांग्लादेश के लोकतांत्रिक संघर्ष की एक अहम चेहरा बन गईं। उन्होंने अपने घरेलू जीवन की छाया से निकलकर देश की सत्ता के केंद्र तक का सफर तय किया।

ब्रिटिश भारत के अविभाजित दिनाजपुर जिले के जलपाईगुड़ी में जन्मीं खालिदा जिया ने 1991 में बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनकर इतिहास रच दिया। इस्कंदर और तैयबा मजूमदार की बेटी, खालिदा ने संसदीय लोकतंत्र की बहाली के बाद देश का नेतृत्व किया और 2001 से 2006 तक दूसरे कार्यकाल के लिए भी काम किया।

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