Microsoft कर रही पाकिस्तान से एग्जिट, क्यों किया यह फैसला; क्या किसी भी तरह से नहीं रहेगी ऑपरेशनल

Microsoft ने पिछले कुछ सालों से पाकिस्तान के लिए लाइसेंसिंग और कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट जैसे प्रमुख कार्यों को आयरलैंड में अपने यूरोपीय केंद्र में ट्रांसफर करना शुरू कर दिया था। पाकिस्तान अभी भी बड़ी-बड़ी वैश्विक कंपनियों को आकर्षित करने और उन्हें अपने यहां बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहा है

अपडेटेड Jul 05, 2025 पर 6:21 PM
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Microsoft ने वर्कफोर्स में कटौती की अपनी वैश्विक रणनीति के तहत ऐसा किया है।

जानीमानी टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट, पाकिस्तान से 25 साल बाद अपना बोरिया बिस्तर समेट रही है। कंपनी ने पाकिस्तान में अपने लिमिटेड ऑपरेशंस बंद करने की घोषणा की है। कई लोगों ने इसे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए एक चिंताजनक संकेत बताया है। माइक्रोसॉफ्ट पाकिस्तान के पूर्व फाउंडर मैनेजर जवाद रहमान का कहना है कि कंपनी का देश से एग्जिट करना यहां के मौजूदा कारोबारी माहौल को दर्शाता है।

उन्होंने लिंक्डइन पर लिखा कि यहां तक ​​कि माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज ग्लोबल कंपनियों को भी पाकिस्तान में बने रहना असंतुलित लगता है। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने भी माइक्रोसॉफ्ट के ऑपरेशंस बंद करने पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि यह हमारे आर्थिक भविष्य के लिए एक चिंताजनक संकेत है।

माइक्रोसॉफ्ट ने क्यों लिया यह फैसला


कंपनी ने वर्कफोर्स में कटौती की अपनी वैश्विक रणनीति के तहत ऐसा किया है। माइक्रोसॉफ्ट ने पाकिस्तान में अपना ऑफिस बंद करने के ​पीछे ग्लोबल रीस्ट्रक्चरिंग और क्लाउड-बेस्ड, पार्टनर-लेड मॉडल में बदलाव का हवाला दिया है। माइक्रोसॉफ्ट दुनिया भर में लगभग 9000 नौकरियों में कटौती कर रही है। यह संख्या कंपनी की कुल वर्कफोर्स लगभग 4 प्रतिशत है। माइक्रोसॉफ्ट ने इससे पहले इस साल मई में लगभग 6,000 कर्मचारियों की छंटनी की थी, जो पिछले कुछ वर्षों में माइक्रोसॉफ्ट की सबसे बड़ी छंटनी थी। उसके बाद जून की शुरुआत में खबर आई कि कंपनी ने 300 से अधिक एंप्लॉयीज को बाहर कर दिया।

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तो क्या किसी भी तरह से पाकिस्तान में नहीं रहेगी ऑपरेशनल

टेकक्रंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट ने बताया है कि कंपनी एक नए मॉडल पर शिफ्ट कर रही है। इसके तहत अब यह डायरेक्ट ऑफिस की बजाय क्षेत्रीय ऑफिसेज और ऑथराइज्ड रीसेलर्स की मदद से पाकिस्तानी कस्टमर्स को सर्विस देगी। कंपनी ने क्लियर किया है कि यह बदलाव उसकी मौजूदा सर्विसेज या कस्टमर एग्रीमेंट्स पर कोई असर नहीं डालेगा। माइक्रोसॉफ्ट ऐसा मॉडल अन्य देशों में भी इस्तेमाल कर चुकी है और इसने भरोसा दिलाया है कि सर्विस की क्वालिटी प्रभावित नहीं होगी।

5 कर्मचारी प्रभावित

रिपोर्ट के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट के फैसले से पाकिस्तान में केवल 5 कर्मचारी ही प्रभावित हुए हैं। इनके पास मुख्य रूप से Microsoft Azure और Office जैसे प्रोडक्ट्स को बेचने की जिम्मेदारी थी। कंपनी ने पाकिस्तान में कभी भी इंजीनियरिंग बेस स्थापित नहीं किया। कंपनी ने पिछले कुछ सालों से पाकिस्तान के लिए लाइसेंसिंग और कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट जैसे प्रमुख कार्यों को आयरलैंड में अपने यूरोपीय केंद्र में ट्रांसफर करना शुरू कर दिया था।

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पाकिस्तान सरकार ने हाल ही में 5 लाख युवाओं को IT सर्टिफिकेट देने की महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की थी। इसमें माइक्रोसॉफ्ट की ओर से सर्टिफिकेट भी शामिल है। पाकिस्तान अभी भी बड़ी-बड़ी वैश्विक कंपनियों को आकर्षित करने और उन्हें अपने यहां बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहा है।

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