अमेरिका और ईरान के बीच मंगलवार देर रात युद्धविराम घोषित होने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सिर्फ मुट्ठी भर जहाजों को ही गुजरने की अनुमति दी गई है। इनमें एक तेल टैंकर और कुछ सूखे माल (ड्राई बल्क) ले जाने वाले जहाज शामिल हैं। MarineTraffic पर जहाजों की ट्रैकिंग डेटा के विश्लेषण से पता चला है कि युद्धविराम घोषित होने (मंगलवार रात) के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य से कम से कम 9 जहाज गुजर चुके हैं। इनमें दो तेल और केमिकल टैंकर भी शामिल हैं।
युद्ध से पहले रोजाना औसतन 138 जहाज इस जलडमरूमध्य से गुजरते थे। यह आंकड़ा बहुराष्ट्रीय जॉइंट मैरिटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर के आंकड़ों से लिया गया है। लेकिन इस संघर्ष की वजह से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है।
समुद्री खबरों से जुड़ी वेबसाइट Lloyd’s List के एडिटर-इन-चीफ रिचर्ड मीड के अनुसार, इस इलाके में करीब 800 जहाज फंसे हुए हैं।
शिप ट्रैकिंग सर्विस MarineTraffic ने बताया कि बुधवार को दो जहाज गुजरे- एक ग्रीस का झंडा लगे जहाज और दूसरा लाइबेरिया के झंडे वाला जहाज।
Lloyd’s List के शिपिंग एक्सपर्ट ने बुधवार को बाद में बताया कि तीन जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर चुके हैं। इन तीनों का ईरान से वर्तमान या पुराना संबंध है।
उन्होंने यह भी कहा कि तीन और जहाज या तो जलडमरूमध्य पार करने की स्थिति में हैं या ईरान की तरफ से मंजूर किए गए वैकल्पिक रास्ते (लारक द्वीप के आसपास) की ओर जा रहे हैं।
रॉयटर्स ने गुरुवार को रिपोर्ट किया कि पिछले 24 घंटों में छह जहाज इस रास्ते से गुजरे हैं।
हालांकि, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने गुरुवार को दावा किया कि बुधवार को इजरायल की ओर से लेबनान पर किए गए हमले, जिसे ईरान ने युद्धविराम का उल्लंघन बताया, के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के उद्योग और एडवांस टेक्नोलॉजी मंत्री सुल्तान अल जाबेर ने ईरान से अपील की कि वह जलडमरूमध्य को “पूरी तरह, बिना किसी शर्त और बिना किसी रोक-टोक” के खोल दे।
उन्होंने कहा, “ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक आर्थिक स्थिरता इसी पर निर्भर करती है।” LinkedIn पर दिए गए अपने बयान में उन्होंने कहा कि “लगभग 230 जहाज तेल से लदे हुए हैं और चलने को तैयार बैठे हैं।”