Get App

Pakistan-Afghanistan War: भारत ने UN में की अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक की निंदा, पाकिस्तान को लगाई लताड़

Pakistan-Afghanistan War Updates: भारत ने मंगलवार (10 मार्च) को यूनाइटेड नेशंस (UN) में अफगानिस्तान पर हाल ही में हुए एयरस्ट्राइक की निंदा की। भारत ने पाकिस्तानी हमले को इंटरनेशनल कानून, UN चार्टर और अफगानिस्तान की संप्रभुता के सिद्धांत का खुलेआम उल्लंघन बताया

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Mar 10, 2026 पर 11:07 AM
Pakistan-Afghanistan War: भारत ने UN में की अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक की निंदा, पाकिस्तान को लगाई लताड़
Pakistan-Afghanistan War Updates: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बॉर्डर पार झड़पें तेज हो गई हैं

Pakistan-Afghanistan War Updates: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर झड़पें तेज हो गई हैं। इस बीच भारत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है। यूएन में भारत ने कहा कि यह हमला रमजान के महीने में किया गया, जिसमें ज्यादातर औरतें और बच्चे मारे गए। साथ ही कहा कि पाकिस्तान की तरफ से अफगानिस्तान पर यह हमला ऐसे समय में किया गया जब इस्लामिक एकता यानी कि रमजान का महीना चल रहा है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने कहा, "एक तरफ अंतरराष्ट्रीय कानून और इस्लामिक एकता के ऊंचे सिद्धांतों की बात करना और दूसरी तरफ रमजान के पवित्र महीने में बेरहमी से एयर स्ट्राइक करना दोहरे मापदंड को दिखाता है।" उन्होंने कहा कि इन हमलों में 6 मार्च 2026 तक 185 बेगुनाह आम लोग मारे गए हैं, जिनमें से लगभग 55 फीसदी महिलाएं और बच्चे हैं।

उन्होंने कहा, "भारत अफगान इलाके पर एयरस्ट्राइक की कड़ी निंदा करता है, जो इंटरनेशनल कानून और यूएन चार्टर और देश की संप्रभुता के सिद्धांत का खुला उल्लंघन है।" इस दौरान भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश ने पाकिस्तान का नाम नहीं लिया। लेकिन डिप्लोमैटिक तरीके से कही गई बातें साफ थीं कि वे किसके खिलाफ थीं। पाकिस्तान ने दावा किया है कि वह अफगानिस्तान पर हमला इसलिए कर रहा है क्योंकि वह अपने इलाके से आतंकवादियों को काम करने दे रहा था।

हालांकि, हरीश ने बताया कि पाकिस्तान ही पड़ोसियों पर हमला करने के लिए आतंकवादी समूहों का इस्तेमाल प्रॉक्सी के तौर पर कर रहा है। उन्होंने कहा, "आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए संकट बनी हुई है जो इंसानियत को परेशान कर रही है। सिर्फ अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मिलकर की गई कोशिशों से ही यह सुनिश्चित होगा कि इस्लामिक स्टेट आईएसआईएल और अलकायदा और उनके साथी, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद और एलईटी के प्रॉक्सी जैसे द रेजिस्टेंस फ्रंट शामिल हैं और जो लोग उनके ऑपरेशन में मदद करते हैं, वे अब क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म में शामिल न हों।"

सब समाचार

+ और भी पढ़ें