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पाकिस्तान की खस्ताहाल एयरलाइन PIA हुई 135 अरब पाकिस्तानी रुपये में नीलाम, खरीदने वाले समूह का है भारत के इस राज्य से सॉलिड कनेक्शन

भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान की खस्ताहाल एयरलाइन कंपनी PIA आखिरकार नीलाम हो गई है। सरकारी विमानन कंपनी को आरिफ हबीब समूह ने 135 अरब पाकिस्तानी रुपये में खरीदा है। पीआइए को खरीदने वाले समूह का भारत के प्रमुख राज्य से मजबूत और पुराना संबंध बताया जा रहा है। आइए जानें

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 25, 2025 पर 8:46 PM
पाकिस्तान की खस्ताहाल एयरलाइन PIA हुई 135 अरब पाकिस्तानी रुपये में नीलाम, खरीदने वाले समूह का है भारत के इस राज्य से सॉलिड कनेक्शन
आरिफ हबीब समूह के मुखिया के परिवार का भारतीय राज्य गुजरात से गहरा संबंध है।

हमारा पड़ोसी देश पाकिस्तान चाहे भारत के खिलाफ कितना ही जहर उगले, साजिशें करे या प्रोपगैंडा करे, लेकिन हकीकत ये है उसकी अपनी आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है। यही वजह है कि पाकिस्तान की सरकारी विमानन कंपनी पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) को नीलाम करना पड़ा है। पाकिस्तान के आरिफ हबीब समूह ने इसे नीलामी में 13,500 करोड़ पाकिस्तानी रुपये में खरीद लिया है। हैरत की बात यह है कि भारत के खिलाफ जहर उगलने का एक भी मौका नहीं चूकने वाले इस देश की एयरलाइंस को खरीदने वाले समूह का भारत से गहरा नाता है। बताया जाता है कि आरिफ हबीब समूह के मुखिया के परिवार का भारतीय राज्य गुजरात से गहरा संबंध है।

पाकिस्तान में मंगलवार को पीआइए के निजीकरण की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। सरकारी विमानन कंपनी को इन्वेस्टमेंट फर्म आरिफ हबीब के नेतृत्व वाले एक कंसोर्टियम को 135 अरब पाकिस्तानी रुपये में बेच दिया गया। इस्लामाबाद में नीलामी प्रक्रिया में लकी सीमेंट, प्राइवेट एयरलाइन एयरब्लू और आरिफ हबीब तीनों प्री-क्वालिफाइड बोली लगाने वालों ने एक ट्रांसपेरेंट बॉक्स में सीलबंद बोलियां जमा कीं। नीलामी प्रक्रिया के दूसरे चरण में, बोलियां खोली गईं, जिसमें आरिफ हबीब 115 अरब पाकिस्तानी रुपये की सबसे बड़ी बोली लगाने वाले के रूप में सामने आए, उसके बाद लकी सीमेंट 105.5 अरब पाकिस्तानी रुपये और एयरब्लू 26.5 अरब पाकिस्तानी रुपये पर रहे।

आरिफ हबीब समूह ने लगाई सबसे बड़ी बोली

इसके बाद, सरकार ने 100 अरब रुपये की रेफरेंस कीमत को निश्चित किया है दो शीर्ष बोली लगाने वालों को खुली नीलामी में मुकाबला करने की इजाजत दी। आरिफ हबीब और लकी सीमेंट दोनों ने अपने ऑफर धीरे-धीरे बढ़ाए, जब तक कि आरिफ हबीब ने 135 अरब पाकिस्तानी रुपये जमा नहीं कर दिए। इस पर किसी ने चुनौती नहीं दी। निजीकरण के नियमों के तहत, शुरुआती 75% हिस्सेदारी की बिक्री से होने वाली कमाई का 92.5% पीआइए में पुनर्निवेश के लिए जाएगा, जबकि बाकी 7.5% सरकार को ट्रांसफर किया जाएगा।

कौन हैं खरीदार आरिफ हबीब

आरिफ हबीब का जन्म कराची में हुआ था। वह एक सफल पाकिस्तानी कारोबारी, उद्यमी और परोपकारी हैं। वह आरिफ हबीब समूह के संस्थापक हैं, जो वित्तीय सेवाएं, रियल एस्टेट, सीमेंट, फर्टिलाइजर, ऊर्जा और इस्पात जैसे कई क्षेत्रों में निवेश करता है। पाकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान सितारा-ए-इम्तियाज से नवाजे जा चुके हबीब ने 1970 में कराची स्टॉक एक्सचेंज में एक स्टॉकब्रोकर के रूप में अपना करियर शुरू किया था। वह कई बार इसके अध्यक्ष भी निर्वाचित हुए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उनकी अपनी संपत्ति 500 मिलियन डॉलर के आसपास है। बताया जाता है कि आरिफ हबीब का परिवार मूल रूप से गुजरात के जूनागढ़ जिले के बंटवा का रहने वाला था। 1947 में भारत के विभाजन के बाद, उनका परिवार अपनी संपत्ति और गुजरात में चाय का कारोबार छोड़कर, कराची, पाकिस्तान चला गया था।

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