रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर अब तक का सबसे बड़ा और विनाशकारी हमला किया है। आसमान से बरसी इस 'मौत' के बाद कीव के हालात किसी कयामत जैसे नजर आ रहे हैं।

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर अब तक का सबसे बड़ा और विनाशकारी हमला किया है। आसमान से बरसी इस 'मौत' के बाद कीव के हालात किसी कयामत जैसे नजर आ रहे हैं।
रूस ने यूक्रेन के डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह नाकाम करने के लिए एक बेहद खौफनाक रणनीति अपनाई। उसने एक ही रात में कीव के ऊपर 50 एडवांस मिसाइलें और लगभग 700 सुसाइड ड्रोन (Kamikaze Drones) दाग दिए। इतनी भारी संख्या में ड्रोन और मिसाइलों के एक साथ आने से यूक्रेन के एयर डिफेंस पर भारी दबाव पड़ा, जिससे कई मिसाइलें सीधे रिहायशी इलाकों और मुख्य ठिकानों पर जा गिरीं।
इस हमले की सबसे चौंकाने और डराने वाली बात यह रही कि रूस ने इस बार अपनी एक बिल्कुल नई हाइपरसोनिक मिसाइल का इस्तेमाल किया है।
क्या होती है हाइपरसोनिक मिसाइल?
यह आवाज की रफ्तार से भी कम से कम पांच गुना तेजी से चलती है। इसकी स्पीड इतनी खतरनाक होती है कि दुनिया का कोई भी आधुनिक रडार या मिसाइल डिफेंस सिस्टम इसे हवा में ट्रैक करके मार नहीं गिरा पाता।
जब यह नई मिसाइल कीव की इमारतों से टकराई, तो धमाका इतना जोरदार था कि पल भर में बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं।
शहर में 'कयामत' जैसा मंजर
ग्राउंड जीरो से आ रही तस्वीरों और वीडियो में तबाही का मंजर साफ देखा जा सकता है। कीव के आसमान में हर तरफ काला धुआं और आग की लपटें दिखाई दे रही हैं।
कई रिहायशी कॉलोनियां पूरी तरह मलबे के ढेर में बदल चुकी हैं। सड़कों पर खड़ी गाड़ियां जलकर कंकाल हो गई हैं।
बिजली और पानी के बड़े स्टेशनों को निशाना बनाए जाने के कारण शहर के बड़े हिस्से में अंधेरा छा गया है।
चश्मदीदों के मुताबिक, धमाके इतने भीषण थे कि जमीन कई किलोमीटर तक कांप रही थी और लोग जान बचाने के लिए बंकरों और अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशनों की तरफ भाग रहे थे।
यूक्रेन और पश्चिमी देशों में खलबली
सैन्य जानकारों का मानना है कि रूस का यह हमला यूक्रेन की कमर तोड़ने और मनोवैज्ञानिक रूप से उसे हराने के लिए किया गया है। नई हाइपरसोनिक मिसाइल के इस्तेमाल ने अमेरिका और नाटो (NATO) देशों की भी चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि फिलहाल इस कयामत ढाने वाले हथियार का कोई पक्का तोड़ किसी के पास नहीं है।
यूक्रेन के अधिकारियों का कहना है कि वे मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं, लेकिन भारी तबाही के कारण राहत काम में काफी मुश्किलें आ रही हैं।
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