'इन्हें चोट मत पहुंचना...', ट्रंप ने ईरान से लगाई 8 महिलाओं की सलामती की गुहार; जानिए आखिर कौन है वो?

Trump-8 Iran Women Execution: इस वायरल पोस्ट में जिन महिलाओं का जिक्र है, वे ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों का चेहरा रही हैं। इनमें डॉक्टर से लेकर युवतियां तक शामिल हैं। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान इन महिलाओं को छोड़ता है, तो यह हमारी बातचीत के लिए एक बेहतरीन शुरुआत होगी

अपडेटेड Apr 22, 2026 पर 8:29 AM
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ट्रंप ने लिखा, 'ईरानी नेताओं, मैं बहुत आभारी रहूंगा अगर आप इन महिलाओं को रिहा कर दें'

Donald Trump: मिडिल ईस्ट में जहां एक तरफ जंगी जहाज और मिसाइलें एक-दूसरे की ओर तनी हुई हैं, वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसी 'गूगली' फेंकी है जिसने ईरान के साथ चल रही कूटनीति में इमोशनल ट्विस्ट ला दिया है। ट्रंप ने अपनी सख्त इमेज से हटकर ईरान की जेल में बंद 8 महिलाओं को चोट न पहुंचाने और उन्हें रिहा करने की अपील की है। आखिर कौन है वो महिलाएं और ईरान ने क्या दिया है जवाब? आइए आपको बताते हैं।

ट्रंप का 'इमोशनल दांव'

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'Truth Social' पर 8 महिलाओं की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, 'ईरानी नेताओं, मैं बहुत आभारी रहूंगा अगर आप इन महिलाओं को रिहा कर दें'। ट्रंप ने दावा किया कि इन महिलाओं को जल्द ही फांसी दी जा सकती है, इसलिए उन्होंने ईरानी नेतृत्व से अपील की है कि इन्हें कोई नुकसान न पहुंचाया जाए। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान इन महिलाओं को छोड़ता है, तो यह हमारी बातचीत के लिए एक बेहतरीन शुरुआत होगी।


कौन हैं ये महिलाएं, जिनके लिए सुपरपावर ने लगाई गुहार?

इस वायरल पोस्ट में जिन महिलाओं का जिक्र है, वे ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों का चेहरा रही हैं। इनमें डॉक्टर से लेकर युवतियां तक शामिल हैं। वो महिलाएं बीता हेम्मती, गजल गलंदरी, गोलनाज नराघी, वीनस हुसैन नेजाद, पनाह मोवाहेदी, एंसियेह नेजाती, महबूबेह शबानी और डायना ताहेर अबादी हैं। गोलनाज नराघी तेहरान के एक अस्पताल में इमरजेंसी डॉक्टर हैं, जो जनवरी से जेल में बंद हैं। बीता हेम्मती और वीनस हुसैन नेजाद पर प्रदर्शनों के दौरान विद्रोह भड़काने और विरोध जताने के गंभीर आरोप लगे हैं।

'ट्रंप साहब, फिर धोखा खा गए!'

जैसे ही ट्रंप की पोस्ट वायरल हुई, ईरान की न्यायपालिका ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। उनकी आधिकारिक वेबसाइट 'Mizan Online' ने ट्रंप को खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि, 'ट्रंप एक बार फिर 'फेक न्यूज' का शिकार हो गए हैं। इन महिलाओं को फांसी देने की खबरें पूरी तरह झूठ हैं'। तेहरान का कहना है कि इनमें से कुछ को पहले ही छोड़ दिया गया है और बाकी पर ऐसे केस हैं जिनमें सिर्फ जेल हो सकती है, जान नहीं जाएगी। ईरान का कहना है कि उनकी न्यायपालिका केवल कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रही है और ट्रंप महज राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम फैला रहे हैं।

ईरान को चारों तरफ से मजबूर कर रहे ट्रंप

एक तरफ ट्रंप ने होर्मुज की खाड़ी में नाकेबंदी जारी रखने का आदेश दिया है, जिससे ईरान को डेली $500 मिलियन का नुकसान हो रहा है। वहीं दूसरी तरफ, वे महिलाओं की रिहाई की बात कर रहे हैं। यानी फिलहाल ट्रंप ईरान को चारों तरफ से घेरते हुए नजर आ रहे है। उनके एक हाथ में 'आर्थिक हंटर' और दूसरे हाथ में महिलाओं के 'रिहाई का प्रस्ताव' है।

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