AI Model in US-Iran War: Anthropic के जिस एआई मॉडल पर ट्रंप की रोक, ईरान पर हमले में उसी Claude का इस्तेमाल

AI Model in US-Iran War: एंथ्रॉपिक (Anthropic) के क्लॉड (Claude) के सैन्य इस्तेमाल पर अभी हाल ही में ट्रंप सरकार ने रोक लगाया था। हालांकि अब सामने आ रहा है कि ईरान पर हमले में भी इसका इस्तेमाल हुआ। जानिए कि क्लॉड में क्या खास बात है, इसे लेकर एंथ्रॉपिक और ट्रंप सरकार के बीच तनातनी क्यों है और इस पर रोक क्यों लगी

अपडेटेड Mar 01, 2026 पर 11:38 AM
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ईरान के खिलाफ हमले में क्लॉड के इस्तेमाल से यह स्पष्ट होता है कि यह मॉडल पहले से ही अमेरिका के मिलिट्री ऑपरेशंस में शामिल है, जबकि एंथ्रोपिक और अमेरिकी सरकार के बीच संबंध काफी बिगड़ चुके हैं।

AI Model in US-Iran War: अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ हवाई हमले में सैन फ्रांसिस्को के स्टार्टअप एंथ्रॉपिक (Anthropic) के एआई सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया। अमेरिकी सेना ने यह ऐसे समय किया, जब इसके कुछ ही समय पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने केंद्रीय एजेंसियों को इस स्टार्टअप के एआई सिस्टम्स का इस्तेमाल बंद करने का निर्देश दिया था। वाल स्ट्रीट को सूत्रों ने बताया कि मिडिल ईस्ट में स्थित यूएस सेंट्रल कमांड समेत दुनिया भर में कई कमांड एंथ्रॉपिक के क्लॉड एआई टूल का इस्तेमाल इंटेलिजेंस एसेसमेंट यानी खुफिया आकलन, टारगेट की पहचान और युद्ध से जुड़े माहौल के सिमुलेशन जैसे काम में करते हैं। हालांकि इस मामले में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।

Anthropic के AI मॉडल Claude पर Trump की रोक क्यों?

ईरान के खिलाफ हमले में क्लॉड के इस्तेमाल से यह स्पष्ट होता है कि यह मॉडल पहले से ही अमेरिका के मिलिट्री ऑपरेशंस में शामिल है, जबकि एंथ्रोपिक और अमेरिकी सरकार के बीच संबंध काफी बिगड़ चुके हैं। एंथ्रॉपिक और अमेरिका के डिफेंस डिपार्टमेंट के बीच एआई मॉडल के इस्तेमाल की शर्तों को लेकर विवाद शुरू हुआ था। एंथ्रोपिक ने क्लॉड को सभी “वैध” परिस्थितियों में इस्तेमाल करने का अधिकार देने से इनकार कर दिया था। इस पर पिछले हफ्ते ट्रंप प्रशासन ने सभी संघीय एजेंसियों को एंथ्रोपिक के साथ काम बंद करने का आदेश दिया और यह भी निर्देश दिया गया कि एंथ्रॉपिक को सुरक्षा और डिफेंस सप्लाई चेन के लिए खतरा घोषित किया जाए।


इस विवाद के चलते अमेरिकी रक्षा विभाग ने अन्य डेवलपर्स से एआई टूल्स के लिए कॉन्ट्रैक्ट करना शुरू किया। ओपनएआई (OpenAI) के चैटजीपीटी (ChatGPT) और एलॉन मस्क (Elon Musk) की xAI मॉडल्स के मेकर्स के साथ गोपनीय सेटिंग्स के लिए डील की। हालांकि सैन्य अधिकारियों और एआई विशेषज्ञों का कहना है कि सभी सिस्टमों में क्लॉड को पूरी तरह बदलने में कई महीने लग सकते हैं।

क्लॉड में क्या है खास?

गूगल और एक्सएआई समेत एंथ्रोपिक उन अहम एआई लैब्स में शामिल था, जिन्होंने अमेरिकी डिफेंस डिपार्टमेंट के साथ करीब $20 करोड़ तक के बहुवर्षीय सौदे हासिल किए। इसमें से Palantir Technologies और Amazon Web Services के साथ साझेदारी के जरिए सिर्फ एंथ्रॉपिक के क्लॉड मॉडल को ही खुफिया मिलिट्री और इंटेलिजेंस वर्कफ्लो में इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिली। वेजेनुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को जनवरी में हिरासत लेने के लिए इसके इस्तेमाल ने एंथ्रॉपिक की महत्ता बढ़ा दी। हालांकि जब डिफेंस सेक्रेटरी Pete Hegseth ने एंथ्रॉपिक को मिलिट्री के सभी कानूनी काम में इसके एआई टूल्स के बिना रोकटेक इस्तेमाल को मंजूरी देने के लिए डेडलाइन देने को कहा तो कंपनी के सीईओ Dario Amodei ने सार्वजनिक रूप से कुछ खास इस्तेमाल में सुरक्षा उपायों को हटाने से मना कर दिया और इसे नैतिक सीमा कहा।

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