Trump-Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अपनी परमाणु और मिसाइल संपत्तियों को अमेरिकी हमलों से बचाने के लिए समझौता करने की कोशिश करेगा। ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, 'हम ईरान की ओर जहाजों का एक बड़ा बेड़ा (Armada) भेज रहे हैं। अगर समझौता होता है, तो अच्छा है। अगर नहीं, तो देखेंगे कि आगे क्या होता है।'
खाड़ी में तैनात है अमेरिकी 'आर्माडा'
ट्रंप प्रशासन ने विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन के नेतृत्व में युद्धपोतों के एक बड़े बेड़े को एशिया-प्रशांत क्षेत्र से ईरान की ओर रवाना कर दिया है। ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर घोषणा की कि अगर ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर से शुरू किया या प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा जारी रखी, तो उसे पिछले साल जून में हुए 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' से भी कहीं अधिक भीषण हमलों का सामना करना पड़ेगा। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि किसी भी नए समझौते में ईरान की लंबी दूरी की मिसाइलों पर कैप, संवर्धित यूरेनियम को हटाना और स्वतंत्र संवर्धन पर प्रतिबंध शामिल होना अनिवार्य होगा।
पिछले साल जून में 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' के तहत अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर व्यापक हवाई हमले किए थे, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है।
फांसी की सजा और मानवाधिकारों पर ट्रंप का दावा
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि उनकी चेतावनी के बाद तेहरान ने बड़ी संख्या में लोगों को दी गई फांसी की सजा पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा, 'वे 837 लोगों को फांसी देने जा रहे थे। मैंने उनसे कहा कि अगर आपने ऐसा किया, तो आपको ऐसी कीमत चुकानी होगी जो पहले कभी किसी ने नहीं चुकाई। इसके बाद वे पीछे हट गए और मैं इसकी सराहना करता हूं।' हालांकि, ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान में अभी भी लोग मारे जा रहे हैं और स्थिति पर उनकी पैनी नजर है।
'किसी भी हाल में नहीं झुकेगा ईरान'
ईरान ने अमेरिका के दबाव में झुकने से साफ इनकार कर दिया है। तुर्की की यात्रा पर गए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने स्पष्ट किया कि ईरान की रक्षा और मिसाइल क्षमताएं कभी भी बातचीत की मेज पर नहीं होंगी। अरागची ने कहा कि तेहरान केवल बराबरी, पारस्परिक हित और सम्मान के आधार पर ही बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों के साथ मिलने की किसी भी योजना को खारिज करते हुए कहा कि उनके रक्षा कार्यक्रम के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।