Trump Tariffs: ट्रंप ने दिया एक और झटका, AI Chip पर 25% का टैरिफ, लेकिन चीन को मिली यह राहत

Trump Tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ एडवांस्ड कंप्यूटिंग चिप पर 25% का टैरिफ लगा दिया है। हालांकि यह सभी चिप पर नहीं लागू है और कुछ शर्तों के साथ एनवीडिया (Nvidia) को भी अपनी चिप चीन को बेचने की मंजूरी मिली है। जानिए किन चिप्स पर 25% टैरिफ लागू है, किन शर्तों पर चिप चीन भेजने की मंजूरी मिली है और अमेरिका अभी विदेशी में बनी चिप पर कितना निर्भर है?

अपडेटेड Jan 15, 2026 पर 8:56 AM
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Trump Tariffs: ट्रंप सरकार ने सिर्फ कुछ खास हाई-एंड चिप्स पर ही 25% का टैरिफ लगाया है, विदेश में बने सभी चिप्स पर नहीं।

Trump Tariffs: एनवीडिया (Nvidia) की एच200 एआई प्रोसेसर और एएमडी (AMD) की MI325X चिप समेत कुछ एडवांस्ड कंप्यूटिंग चिप पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने 25% का टैरिफ लगा दिया है। इसका खुलासा व्हाइट हाउस की एक फैक्ट शीट से हुआ है। इसका लक्ष्य विदेशी चिप मैन्युफैक्चरिंग पर अमेरिका की निर्भरता कम करना और अमेरिका में इसके उत्पादन को बढ़ाना देना है। बता दें कि अभी अधिकतर एडवांस्ड चिप्स अमेरिकी के बाहर बन रही हैं और अमेरिकी अपनी जरूरत का सिर्फ 10% चिप ही पूरी तरह से अपने यहां बना रहा है। सरकार के मुताबिक इस फैसले की एक और अहम वजह नेशनल सिक्योरिटी है। हालांकि एनवीडिया को चीन में कुछ चुनिंदा चिप्स की बिक्री फिर से शुरू करने की मंजूरी मिली है,, जिन्हें पहले रोक दिया गया था।

सिर्फ इन चिप पर लागू है 25% टैरिफ

ट्रंप सरकार ने सिर्फ कुछ खास हाई-एंड चिप्स पर ही 25% का टैरिफ लगाया है, विदेश में बने सभी चिप्स पर नहीं। हालांकि अमेरिकी सरकार ने यह भी चेतावनी दी है कि घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए इसका दायरा आने वाले समय में बढ़ाया जा सकता है और चिप और उनसे जुड़े प्रोडक्ट्स पर टैरिफ लगाए जा सकते हैं। बता दें कि ट्रंप बार-बार चिप को लेकर सख्ती दिखा चुके हैं। पिछले साल उन्होंने उन कंपनियों पर 100% टैरिफ लगाने का विचार पेश किया था, जो अपना प्रोडक्शन अमेरिका नहीं ला पाती हैं। अप्रैल में ट्रंप सरकार ने चिप और दवाओं के आयात की जांच शुरू की थी और कहा था कि इन सेक्टर्स में विदेशी मैन्युफैक्चरिंग पर अधिक निर्भरता नेशनल सिक्योरिटी के लिए खतरा है।


टैरिफ में ये हैं शामिल है और ये नहीं

ट्रंप सरकार ने जिन एडवांस्ड चिप में 25% का टैरिफ लगाया है, उसमें एनवीडिया की एच200 है जो ताइवान में बनती है और एएमडी की MI325X। ये वो चिप हैं, जिसे लेकर एनवीडिया की योजना चीन में बिक्री की है। हालांकि व्हाइट हाउस का कहना है कि अमेरिकी डेटा सेंटर, स्टार्टअप्स, नॉन-डेटा-सेंटर कंज्यूमर एप्लीकेशंस, सिविल इंडस्ट्रियल यूजेज और यूएस पब्लिक सेक्टर एप्लीकेशंस के लिए आयात किए गए चिप्स पर यह नहीं लागू होगा। ट्रंप प्रशासन का यह भी कहना है कि जिस आयात से अमेरिकी टेक सप्लाई चेन को सहारा मिलता या अमेरिका में चिप मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती मिलती है, उसे भी छूट दी जाएगी।

चीन को निर्यात करने से पहले यह शर्त करनी होगी पूरी

ट्रंप सरकार ने H200 और MI325X जैसी चिप्स के निर्यात को मंजूरी तो दी है लेकिन यह भी कहा कि हर मामले को अलग-अलग रिव्यू किया जाएगा। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि कंपनियों को यह दिखाना होगा कि ऐसी बिक्री से अमेरिकी ग्राहकों को नुकसान नहीं होगा और चीनी खरीदारों ने सरकारी सुरक्षा जांच पास कर ली है। एनवीडिया ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। चिप कंपनी का कहना है कि पहले जो पूर्ण प्रतिबंध लगा था, उससे अनजाने में ही सही, उन विदेशी कॉम्पटीटर्स को ही बढ़ावा मिल रहा था जो अमेरिका की एंटिटी लिस्ट में हैं।

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