US Attack Venezuela: 'ग्लोबल टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने रविवार (4 जनवरी) को अमेरिका से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को तुरंत रिहा करने की अपील की। बीजिंग ने अमेरिका से वेनेजुएला की सरकार गिराना बंद करने और बातचीत से मसले को सुलझाने को कहा है। चीन ने मादुरो और उनकी पत्नी पर अमेरिका के जबरदस्ती कंट्रोल करने और उन्हें देश से बाहर भेजने पर गंभीर चिंता जताई। मादुरो और उनकी पत्नी इस समय अमेरिका की हिरासत में हैं। अमेरिकी सेना ने उन्हें वेनेजुएला की राजधानी काराकास से पकड़कर अमेरिका ले जाया है।
चीनी विदेश मंत्रालय ने रविवार को जारी बयान में कहा, "राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को इस तरह अपने देश ले जाना गलत है। इस मुद्दे का हल बातचीत से होना चाहिए।" चीन ने अमेरिकी हवाई हमलों की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन तथा आधिपत्यवादी कृत्य करार दिया। इससे पहले भी चीन ने अमेरिका की कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी।
अन्य देशों की प्रतिक्रिया
वेनेजुएला पर अमेरिका के हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो तथा उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के पकड़े जाने के संबंध में शनिवार को वैश्विक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई। कुछ देशों ने इस घटनाक्रम को लेकर जहां चिंता जताते हुए संयम बरतने की अपील की। वहीं कुछ नेताओं ने वाशिंगटन के इस कदम का समर्थन किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, राजधानी काराकस पर बड़े पैमाने पर किए गए अमेरिकी हमले के दौरान मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ा गया। फिर उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा है, जहां उन्हें मुकादमों का सामना करना होगा। अमेरिकी हमले और मादुरो के पकड़े जाने की रूस और चीन सहित कई प्रमुख वैश्विक शक्तियों ने कड़ी आलोचना की।
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने इन घटनाओं को निंदा करते हुए कहा कि यह वेनेजुएला की संप्रभुता पर अब तक का सबसे गंभीर प्रहार है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष एक बेहद खतरनाक उदाहरण है। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने कहा कि यूरोपीय संघ स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने तथा संयुक्त राष्ट्र के घोषणा पत्र का सम्मान करने का आग्रह किया।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि उनका देश इस अमेरिकी कार्रवाई में शामिल नहीं था। वह राष्ट्रपति ट्रंप से इस बारे में और जानकारी लेंगे। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन किया जाना चाहिए। लेकिन पहले तथ्यों को स्पष्ट करना जरूरी है।
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने तनाव कम करने और जिम्मेदारीपूर्ण रवैये की अपील करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के घोषणा पत्र के सिद्धांतों का सम्मान किया जाना चाहिए। इस बीच, अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली ने इस घटनाक्रम का समर्थन किया। माइली को ट्रंप का सहयोगी माना जाता है।