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US-Iran Talks Fallout: पाकिस्तान के अरमानों पर फिरा पानी, अमेरिका-ईरान वार्ता फेल होने से शहबाज शरीफ का टूटा सपना

US-Iran Talks Fallout: अमेरिका और ईरान के बीच अहम बातचीत का नाकाम होना पाकिस्तान के लिए एक कूटनीतिक झटका है। साथ ही पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ के राष्ट्रीय अस्तित्व के लिए भी एक बुरी खबर है। पाकिस्तान US और ईरान के बीच फंसा हुआ है। वह अमेरिका पर वित्तीय मदद और सुरक्षा संबंधों के लिए निर्भर है। जबकि ईरान उसका खास पड़ोसी है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Apr 12, 2026 पर 10:00 AM
US-Iran Talks Fallout: पाकिस्तान के अरमानों पर फिरा पानी, अमेरिका-ईरान वार्ता फेल होने से शहबाज शरीफ का टूटा सपना
US-Iran Talks Fallout: ईरान के साथ 21 घंटे की वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई है

US-Iran Talks Fallout: पाकिस्तान में चल रही अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल हो गई है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार (12 अप्रैल) को बताया कि ईरान के साथ इस्लामाबाद में हुई वार्ता विफल रही। उन्होंने कहा कि 21 घंटे से अधिक समय के अथक प्रयासों के बावजूद दोनों पक्ष मतभेदों की खाई पाटने में असमर्थ रहे। वेंस ने पाकिस्तान की मध्यस्थता में दोनों पक्षों के बीच हुई प्रत्यक्ष वार्ता के दौरान महत्वपूर्ण चर्चा के बाद पत्रकारों को जानकारी दी। दोनों पक्षों के बीच इस स्तर पर 1979 के बाद यह पहली वार्ता थी।

वेंस ने कहा, "हम 21 घंटे से इस पर काम कर रहे हैं। अच्छी खबर यह है कि हमारे बीच कई सार्थक चर्चाएं हुई हैं।" उन्होंने कहा, "बुरी खबर यह है कि हम किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके।" अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने कहा, "हमने अपनी सीमाएं स्पष्ट कर दी हैं कि हम किन बातों पर समझौता करने को तैयार हैं और किन पर नहीं।" उन्होंने कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने हमारी शर्तों को स्वीकार न करने का विकल्प चुना है।

जब उनसे यह बताने को कहा गया कि मुख्य अड़चनें क्या थीं और ईरानियों ने किन बातों को ठुकराया तो उन्होंने इस बारे में विस्तार से बताने से इनकार कर दिया। वेंस ने कहा, "मैं अधिक विस्तार से नहीं बताऊंगा क्योंकि 21 घंटे तक बंद कमरे में बातचीत करने के बाद मैं सार्वजनिक रूप से बात नहीं करना चाहता। लेकिन सीधी सी बात यह है कि हमें उनकी ओर से इस बात की स्पष्ट प्रतिबद्धता दिखनी चाहिए कि वे परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं करेंगे और न ही ऐसे साधन हासिल करने की कोशिश करेंगे, जिनसे वे बहुत जल्दी परमाणु हथियार हासिल कर सकें।"

उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मुख्य लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।वेंस ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ एवं सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की सराहना की। साथ ही उन्हें बेहतरीन मेजबान बताया।

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