US-Iran Talks: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए प्रस्तावित 'इस्लामाबाद टॉक' पर अनिश्चितता के बादल गहरा गए हैं। वाशिंगटन, तेहरान और इस्लामाबाद से आने वाले विरोधाभासी बयानों ने इस कूटनीतिक कोशिश को एक अनबुझी पहेली बना दिया है। जहां राष्ट्रपति ट्रंप बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं, वहीं ईरान इसे सिरे से खारिज कर रहा है।
ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान ने साफ कहा है कि अमेरिका का 'धौंस जमाने वाला व्यवहार' अविश्वास को और गहरा करेगा। उनका कहना है कि ईरान अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी धमकी के आगे नहीं झुकेगा।
ट्रंप का दावा बनाम ईरान का इनकार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर दावा किया कि अमेरिकी वार्ताकार पाकिस्तान पहुंचने वाले हैं। उन्होंने साथ ही चेतावनी दी कि अगर ईरान समझौते के लिए राजी नहीं हुआ, तो उसके बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी IRNA ने इन दावों को 'झूठा और आधारहीन' बताया है। तेहरान का कहना है कि यह वाशिंगटन का एक 'मीडिया गेम' है, जिसका मकसद केवल दबाव बनाना है।
'धौंस और गैर-वाजिब शर्तों' को लेकर ईरान ने जताई नाराजगी
ईरान ने अमेरिका पर कूटनीति को पटरी से उतारने का आरोप लगाया है। IRNA के मुताबिक, अमेरिका लगातार अपना रुख बदल रहा है और ऐसी शर्तें रख रहा है जो ईरान को मंजूर नहीं हैं। ईरान का मानना है कि अमेरिका द्वारा लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी मौजूदा युद्धविराम का सीधा उल्लंघन है, जिससे भरोसा पूरी तरह खत्म हो गया है।
'हम लंबी लड़ाई के लिए तैयार': IRGC
ईरान की शक्तिशाली सेना रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। IRGC से जुड़े सूत्रों का कहना है कि, ईरान लंबे संघर्ष के लिए तैयार है और वह महीनों तक युद्ध जारी रख सकता है। जब तक ईरान की सभी मांगें पूरी नहीं होतीं और 'अवैध शर्तें' वापस नहीं ली जातीं, तब तक बातचीत का सवाल ही नहीं उठता।
फूंक-फूंक कर कदम रख रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान इस पूरे विवाद में बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन वह बहुत फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान से बात की है। वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्री भी ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के संपर्क में हैं। इन मुलाकातों के बावजूद, पाकिस्तान ने अभी तक बातचीत के किसी तय समय या भागीदारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।