पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध लगातार और खतरनाक होता जा रहा है। तेहरान ने अब अपनी सैन्य कार्रवाई सिर्फ इजरायल तक सीमित नहीं रखी है, बल्कि खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और उसके सहयोगी देशों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। एरबिल इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास जोरदार धमाकों की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां एक US मिलिट्री बेस पर दो ड्रोन से हमला किया गया।
यह बेस उन अमेरिकी सैनिकों का ठिकाना है, जो अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के तहत सैन्य अभियान चला रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने तेज धमाकों की आवाज सुनी और एयरपोर्ट के पास धुएं के गुबार उठते देखे। फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
ड्रोन हमले का असर ऊर्जा क्षेत्र पर भी पड़ा है। कुर्दिस्तान के प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय ने बताया कि HKN एनर्जी के ऑपरेट वाले सारसांग ऑयल फील्ड में प्रोडक्शन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
यह ऑयल फील्ड दोहूक प्रांत में स्थित है। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, इस हमले को दो ड्रोन के जरिए अंजाम दिया गया।
कुर्दिस्तान क्षेत्र बना नया निशाना
इराक का कुर्दिस्तान क्षेत्र, जहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, अब इस बड़े संघर्ष में लगातार घिरता जा रहा है। पिछले कुछ समय में यहां अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कई ड्रोन हमले हो चुके हैं।
खाड़ी देशों में हाई अलर्ट
इसी बीच खाड़ी देशों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यूनाइटेड अरब अमीरात ने बताया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने हालिया हमलों के दौरान 9 मिसाइल और 109 ड्रोन को हवा में ही मार गिराया, जिससे वे अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सके।
इराक ने कहा है कि वह इस संघर्ष में और गहराई तक नहीं घसीटा जाना चाहता। लेकिन देश में सक्रिय ईरान समर्थित सशस्त्र समूह, जिन्हें
इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक कहा जाता है, खुलकर मैदान में उतर चुके हैं।
इन समूहों ने दावा किया है कि उन्होंने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर दर्जनों ड्रोन हमले किए हैं और वे इस संघर्ष में तटस्थ नहीं रहेंगे।
विश्लेषकों का कहना है कि अगर इसी तरह हमले जारी रहे, तो यह युद्ध पूरे पश्चिम एशिया में और फैल सकता है।