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शहबाज शरीफ ने ट्रंप को चुकाया 'ऑपरेशन सिंदूर' का एहसान? अमेरिका के लिए मोहरा बना पाकिस्तान

US-Iran War: ट्रंप जानते थे कि पाकिस्तान के ईरान के साथ ठीक-ठाक संबंध हैं। साथ ही, पाकिस्तान की लंबी सीमा भी ईरान से लगती है, जो इस मामले में काम आ सकती है। यह वही ट्रंप हैं, जिन्होंने अपने पहले कार्यकाल में पाकिस्तान पर आरोप लगाया था कि उसने अमेरिका को “झूठ और धोखे” के अलावा कुछ नहीं दिया। लेकिन अब “ट्रंप 2.0” का रवैया पहले से अलग नजर आ रहा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 09, 2026 पर 4:22 PM
शहबाज शरीफ ने ट्रंप को चुकाया 'ऑपरेशन सिंदूर' का एहसान? अमेरिका के लिए मोहरा बना पाकिस्तान
ईरान से बढ़ते तनाव और अमेरिका के उससे बाहर निकलने की कोशिशों के बीच ट्रंप ने पाकिस्तान पर दबाव डाला

'दुनिया में कभी भी कोई चीज मुफ्त में नहीं मिलती...', ये कहावत आपने भी कई बार सुनी होगी। आज कल के जियो पॉलिटिक्स में भी ये कहावत काफी हद तक सटीक बैठती है। यह बात पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर को शायद पिछले साल ही समझ आ गई होगी, जब भारत के साथ तनाव के कुछ हफ्तों बाद उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ बंद कमरे में एक अहम लंच मीटिंग हुई थी।भारत के “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान पाकिस्तान को भारी नुकसान झेलना पड़ा था। उसके कई बड़े सैन्य ठिकानों पर हमले हो रहे थे। ऐसे में पाकिस्तान ने तुरंत अमेरिका से मदद मांगी, जो उस समय दोनों देशों के संपर्क में था। बाद में सीजफायर हुआ, लेकिन यह तब संभव हो पाया जब पाकिस्तान ने सीधे भारत से बातचीत की, जबकि डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को शांति स्थापित कराने वाला बता रहे थे।

अब 8 अप्रैल 2026 की बात करें, तो ऐसा लगता है कि हालात बदल गए हैं। ईरान से जुड़े बढ़ते तनाव और अमेरिका के उससे बाहर निकलने की कोशिशों के बीच ट्रंप ने पाकिस्तान पर दबाव डाला कि वह सीजफायर कराने में मदद करे। इससे यह भी साफ होता है कि ट्रंप के दौर में अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्ते किस तरह आपसी फायदे पर आधारित रहे हैं।

पाकिस्तान...ट्रंप का ‘लाडला’ कैसे बना?

कुछ समय पहले तक पाकिस्तान को अमेरिका का एक भरोसेमंद साथी नहीं माना जाता था। लेकिन पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के साथ हुए तीन दिन के संघर्ष के बाद, पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्तों में बड़ा बदलाव देखने को मिला। इस बदलाव की एक बड़ी वजह यह रही कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की खुलकर तारीफ की। पाकिस्तान ने इस संघर्ष को खत्म कराने का श्रेय भी ट्रंप को दिया। इतना ही नहीं, पाकिस्तान ने ट्रंप का नाम ‘नोबेल शांति पुरस्कार’ के लिए भी आगे बढ़ाया।

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