'दुनिया में कभी भी कोई चीज मुफ्त में नहीं मिलती...', ये कहावत आपने भी कई बार सुनी होगी। आज कल के जियो पॉलिटिक्स में भी ये कहावत काफी हद तक सटीक बैठती है। यह बात पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर को शायद पिछले साल ही समझ आ गई होगी, जब भारत के साथ तनाव के कुछ हफ्तों बाद उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ बंद कमरे में एक अहम लंच मीटिंग हुई थी।भारत के “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान पाकिस्तान को भारी नुकसान झेलना पड़ा था। उसके कई बड़े सैन्य ठिकानों पर हमले हो रहे थे। ऐसे में पाकिस्तान ने तुरंत अमेरिका से मदद मांगी, जो उस समय दोनों देशों के संपर्क में था। बाद में सीजफायर हुआ, लेकिन यह तब संभव हो पाया जब पाकिस्तान ने सीधे भारत से बातचीत की, जबकि डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को शांति स्थापित कराने वाला बता रहे थे।
