Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ऐसा बयान दिए है जिसने दुनियाभर में उनकी खूब आलोचना हो रही है। दरअसल ट्रंप ने अमेरिका में प्रवासियों के मुद्दे पर 'तीसरी दुनिया' के देशों को लेकर एक विवादित बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि, 'तीसरी दुनिया से इंपोर्ट करोगे, तो तीसरी दुनिया बन जाओगे'।
'इंपोर्ट करोगे तीसरी दुनिया, तो बन जाओगे तीसरी दुनिया'
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इमिग्रेशन नीतियों पर प्रहार करते हुए लिखा, 'अगर आप तीसरी दुनिया को अपने यहां इंपोर्ट करते हैं, तो आप खुद तीसरी दुनिया बन जाते हैं!' ट्रंप का यह बयान उनकी पुरानी 'अमेरिका फर्स्ट' नीति और प्रवासियों के खिलाफ सख्त रुख को दोहराता है।
ट्रंप के इस बयान के मायने ये है कि, विकसित देश 'तीसरी दुनिया' के देशों से बड़ी संख्या में प्रवासियों को बिना कड़े नियंत्रण के आने देते हैं, तो उन देशों की सामाजिक व्यवस्था, सुरक्षा और आर्थिक ढांचा भी उन्हीं देशों जैसा कमजोर और अव्यवस्थित हो जाएगा। राजनीतिक रूप से ट्रंप अपने बयान से अमेरिका फर्स्ट और संसाधनों की रक्षा के लिए सीमाओं को पूरी तरह सील करने और सख्त इमिग्रेशन नीतियों को जायज ठहरा रहे हैं, हालांकि वैश्विक स्तर पर इसे नस्लवादी और विभाजनकारी बयान मानकर इसकी तीखी आलोचना भी की जा रही है।
घरेलू राजनीति के साथ-साथ ट्रंप ने मिडिल ईस्ट के मोर्चे पर भी युद्ध की आग तेज कर दी है। ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी दी है कि उनके पास समझौते के लिए केवल 48 घंटे बचे हैं, वरना उन पर 'नरक बरसेगा'। ट्रंप की मुख्य मांग है कि ईरान वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को तुरंत खोले।
ट्रंप की धमकी के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया। ईरान ने रविवार तड़के इजरायल और कुवैत को निशाना बनाकर मिसाइलें और ड्रोन दागे। दोनों देशों की वायु रक्षा प्रणालियों को तुरंत सक्रिय कर दिया गया। ईरान के जनरल अली अब्दुल्लाही अलीबादी ने ट्रंप की धमकी को 'बेवकूफाना' बताते हुए कहा, चेतावनी दी है।'