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Mark-48 Torpedo: वो 'साइलेंट किलर' जिससे अमेरिका ने डूबाया ईरानी युद्धपोत, जानिए कितना है खतरनाक?

US Navy Mark-48 Torpedo: मार्क-48 की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह जहाज से टकराता नहीं है, बल्कि उसके नीचे फटता है।यह टॉरपीडो जहाज के सबसे निचले हिस्से के नीचे जाकर धमाका करता है। इससे पानी के नीचे एक विशाल गैस का बुलबुला बनता है जो जहाज की मुख्य संरचना को बीच से तोड़ देता है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Mar 05, 2026 पर 1:33 PM
Mark-48 Torpedo: वो 'साइलेंट किलर' जिससे अमेरिका ने डूबाया ईरानी युद्धपोत, जानिए कितना है खतरनाक?
मार्क-48 अमेरिकी नौसेना का सबसे प्रमुख और शक्तिशाली 'अंडरवॉटर' हथियार है

Mark-48 Torpedo: अमेरिका ने हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत IRIS Dena को डुबोने का एक इन्फ्रारेड वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में अमेरिकी पनडुब्बी से छोड़े गए मार्क-48 हेवीवेट टॉरपीडो की ताकत को दिखाया गया है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इसे 'शांत मौत' करार दिया है, क्योंकि दूसरे विश्व युद्ध के बाद यह पहला मौका है जब किसी अमेरिकी टॉरपीडो ने दुश्मन के युद्धपोत को डुबोया है।

क्या है मार्क-48 टॉरपीडो?

मार्क-48 अमेरिकी नौसेना का सबसे प्रमुख और शक्तिशाली 'अंडरवॉटर' हथियार है। यह एक हेवीवेट टॉरपीडो है जिसे खास तौर पर दुश्मन के बड़े जहाजों और पनडुब्बियों को नष्ट करने के लिए बनाया गया है। इसे पहली बार 1972 में पेश किया गया था, लेकिन समय के साथ इसे आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स और गाइडेंस सिस्टम (Mk-48 ADCAP) से लैस किया गया है। इसका वजन लगभग 1,700 किलोग्राम है और इसमें भारी मात्रा में विस्फोटक लगा होता है।

कैसे काम करता है यह 'जहाज तोड़ने वाला' हथियार?

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