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Farming tips: मुनाफे की गारंटी, आलू के बाद ये फसल बदल देगी आपकी किस्मत

Green pulse farming tips: कृषि समाचार के अनुसार, मूंग की खेती में खाद और उर्वरक का सही प्रबंधन बहुत जरूरी है। प्रति एकड़ फसल के लिए 20 किलो नाइट्रोजन, 40 किलो फास्फोरस और 20 किलो पोटाश की जरूरत होती है। बुवाई के समय 50 किलो डीएपी और 15–20 किलो पोटाश डालना सबसे उत्तम माना जाता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 25, 2026 पर 10:45 AM
Farming tips: मुनाफे की गारंटी, आलू के बाद ये फसल बदल देगी आपकी किस्मत
Green pulse farming tips: जनवरी के अंत या फरवरी के पहले पखवाड़े में कल्टीवेटर से 2–3 गहरी जुताई करें।

मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में मूंग की खेती अब किसानों के लिए कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली फसल बनकर उभर रही है। खासकर जनवरी के तीसरे सप्ताह से फरवरी के दूसरे सप्ताह तक अगेती मूंग की बुवाई करने पर किसान आसानी से दोगुना लाभ कमा सकते हैं। इस फसल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें बहुत कम पानी लगता है और केवल 60–65 दिन में फसल तैयार हो जाती है। एकड़भर मूंग की खेती की लागत लगभग 12–15 हजार रुपये होती है, जबकि इससे लगभग 55 हजार रुपये तक की आमदनी प्राप्त की जा सकती है।

विंध्य क्षेत्र के किसानों के लिए यह फसल न सिर्फ आर्थिक दृष्टि से लाभकारी है, बल्कि खेती में काम लगने वाला समय और मेहनत भी अपेक्षाकृत कम होती है। सही किस्म और उन्नत खेती तकनीक अपनाने पर किसानों की पैदावार और मुनाफा दोनों बढ़ सकते हैं।

मूंग की खासियत

इस फसल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें बहुत कम पानी लगता है और केवल 60 से 65 दिनों में फसल तैयार हो जाती है। प्रति एकड़ खेती की लागत लगभग 12–15 हजार रुपये है, जबकि इससे 55 हजार रुपये तक की आमदनी संभव है।

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