यदि आप पशुपालक हैं और मवेशियों की सेहत को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं, तो हरे चारे का सही उपयोग आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। मवेशियों में पाल न ठहरने, दूध की मात्रा में कमी, और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं अक्सर खराब या असंतुलित आहार के कारण होती हैं। पशु वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि हरे चारे को मवेशियों के मुख्य आहार के रूप में दिया जाए, तो आहार पर आने वाला खर्च आधे से भी कम हो सकता है। बिहार और देश के अन्य हिस्सों में अधिकांश किसान अपने खेतों में बरसीम, नेपियर, सोरघम, ज्वार, जई जैसी हरी घास उगाते हैं। ये हरे चारे न केवल मवेशियों की उत्पादकता बढ़ाने में मदद करते हैं, बल्कि उनकी प्रतिरोधक क्षमता और स्वास्थ्य को भी मजबूत बनाते हैं।
