के दौर में जब अधिकतर युवा सरकारी और प्राइवेट नौकरी की होड़ में लगे हुए हैं, तब कुछ लोग अलग सोच के साथ अपनी राह खुद बनाते नजर आते हैं। गोंडा जिले के दीप नारायण मौर्य भी उन्हीं में से एक हैं, जिन्होंने पारंपरिक सोच से हटकर कुछ नया करने का साहस दिखाया। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने भी नौकरी पाने की पूरी कोशिश की, लेकिन बार-बार असफलता मिलने के बाद उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी दिशा बदलने का फैसला किया।
