फरवरी का महीना भिंडी की गर्मी वाली फसल के लिए बेहद अहम माना जाता है। इस समय किसान बुवाई की तैयारियों में व्यस्त रहते हैं, ताकि अच्छी पैदावार मिल सके। हालांकि, येलो वेन मोजैक वायरस किसानों के लिए बड़ी चिंता बना हुआ है। यह रोग पौधों की बढ़वार को प्रभावित करता है और फल बनने की प्रक्रिया पर भी बुरा असर डालता है। अगर शुरुआत में ही सावधानी नहीं बरती जाए तो उत्पादन में 80 से 90 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
