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Gardening Tips: गेहूं-चना कटाई के बाद किसान लगाएं फलों का बगीचा, ऐसे करें तैयारी

Gardening Tips: उद्यानिकी विशेषज्ञ डॉ. एस.के. त्यागी के अनुसार जिले की मिट्टी और जलवायु कई प्रकार के फलदार पौधों के लिए अनुकूल है। किसान नींबू, केला, पपीता, अमरूद, संतरा, आम, सीताफल और चीकू जैसे फलों की खेती आसानी से कर सकते हैं। यदि बगीचे की सही तरीके से तैयारी और देखभाल की जाए तो किसानों को अच्छी पैदावार के साथ बेहतर मुनाफा भी मिल सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 08, 2026 पर 1:21 PM
Gardening Tips: गेहूं-चना कटाई के बाद किसान लगाएं फलों का बगीचा, ऐसे करें तैयारी
Gardening Tips: बारिश शुरू होने के बाद तैयार गड्ढों में पौधे लगाए जा सकते हैं।

खरगोन जिले में अब किसान धीरे-धीरे पारंपरिक खेती से हटकर बागवानी की तरफ रुख कर रहे हैं। खेती की बढ़ती लागत और कम मुनाफे के कारण किसान नए विकल्प तलाश रहे हैं। यही वजह है कि कई किसान अब अपने खेतों में फलों के बगीचे लगाने की योजना बना रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जो किसान रबी फसलों की कटाई के बाद बागवानी करना चाहते हैं, उन्हें अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। गर्मियों में खेत की तैयारी करने से पौधों की बढ़वार बेहतर होती है और आगे चलकर उत्पादन भी अच्छा मिलता है।

पारंपरिक फसलों से कम हो रहा मुनाफा

निमाड़ क्षेत्र के किसान लंबे समय से गेहूं, चना, कपास, सोयाबीन और मक्का जैसी फसलें उगा रहे हैं। लेकिन इन फसलों में लागत लगातार बढ़ती जा रही है, जबकि आमदनी उतनी नहीं मिल रही। इससे किसान नई खेती की तरफ ध्यान दे रहे हैं। जिन किसानों ने पहले से फलों की खेती शुरू की है, उनका कहना है कि इसमें एक बार मेहनत करने के बाद कई सालों तक उत्पादन मिलता है और बाजार में मांग बनी रहने से सालभर कमाई का मौका रहता है।

निमाड़ की जलवायु फलों के लिए अनुकूल

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