Ketu Nakshatra Parivartan: ग्रहों का राशि या नक्षत्र परिवर्तन समय-समय पर होता रहता है। लेकिन ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार ग्रहों के स्थान बदलने से सभी 12 राशियां प्रभावित होती हैं। कुछ राशियों के लिए जहां ग्रहों का राशि या नक्षत्र परिवर्तन शुभ समाचार लेकर आता है, तो कुछ राशियों के लिए आने वाली मुश्किलों का संदेश होता है। यह गोचर अगर छाया ग्रह केतु का हो, तो ज्योतिष शास्त्र को मानने वाले लोगों में सर्तकता बढ़ जाती है। केतु एक छाया ग्रह है और इसके प्रभाव से जातक के जीवन में भ्रम, अचानक होने वाली घटनाएं और शारीरिक कष्ट होता है। ये ग्रह अपने खुद के नक्षत्र में गोचर करने वाला है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब कोई ग्रह अपने ही नक्षत्र में गोचर करता है तो उसका अत्यंत शुभ फल कुछ राशि के जातक पर देखने को मिलता है।
