Shani Nakshatra Parivartan 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का स्थान परिवर्तन बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। नौ में से किसी भी ग्रह का स्थान परिवर्तन सभी 12 राशियों को प्रभावित करता है। ग्रहों में शनि ग्रह का गोचर तो और भी खास होता है। जातक के कर्मों के आधार पर फल देने वाले न्याय के देवता शनि देव एक राशि में करीब ढाई साल तक रहते हैं। इनकी चाल सबसे धीमी रहती है और जिस राशि में गोचर करते हैं उसके आगे और पीछे की यानी एक साथ तीन राशियों के जीवन में उथल-पुथल मचा देते हैं। फिलहाल मीन राशि में गोचर कर रहे शनि ने आज यानी 20 जनवरी को अपने नक्षत्र उत्तराभाद्रपद में प्रवेश किया है। इस गोचर से तीन राशियों के जीवन में हलचल मच सकती है। आइए जानें शनि के इस गोचर और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के बारे में।
