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Budget 2025: सीतारमण 10 साल बाद सेक्शन 80C की लिमिट बढ़ाने जा रही हैं, आपको होंगे ये फायदें

इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत करीब एक दर्जन इनवेस्टमेंट ऑप्शंस आते हैं। इसके अलावा दो बच्चों तक की ट्यूशन फीस पर भी डिडक्शन मिलता है। लंबे समय से सेक्शन 80सी के तहत मिलने वाला डिडक्शन टैक्सपेयर्स के सेविंग्स और इनवेस्टमेंट करने का एक बड़ा कारण रहा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 08, 2025 पर 11:59 AM
Budget 2025: सीतारमण 10 साल बाद सेक्शन 80C की लिमिट बढ़ाने जा रही हैं, आपको होंगे ये फायदें
सरकार ने अंतिम बार इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी की लिमिट को 2014-15 में बढ़ाया था।

इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम का इस्तेमाल करने वाले लोगों को यूनियन बजट 2025 में अच्छी खबर मिल सकती है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी की लिमिट बढ़ाने का ऐलान कर सकती हैं। इससे इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम का इस्तेमाल करने वाले लोगों पर टैक्स की लायबिलिटी कम हो जाएगी।

अभी कितनी है सेक्शन 80सी की लिमिट?

अभी इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी (Income tax act section 80c) की लिमिट 1.5 लाख रुपये है। इसका मतलब है कि कोई टैक्सपेयर एक वित्त वर्ष में 80सी के तहत आने वाले इंस्ट्रूमेंट्स में एक वित्त वर्ष में 1.5 लाख रुपये तक इनवेस्ट कर इनकम टैक्स में डिडक्शन क्लेम कर सकता है। इससे उसकी टैक्स-लायबिलिटी कम हो जाती है। सरकार ने अंतिम बार 204 में इस लिमिट में बदलाव किया था। इसका मतलब है कि इस लिमिट में पिछले 10 साल में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

कितनी हो सकती है सेक्शन 80सी की नई लिमिट?

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