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Budget 2025: आखिर 1973 में इंदिरा सरकार में पेश बजट को 'ब्लैक बजट' क्यों कहा जाता है?

बजट 1973 को ब्लैक बजट कहा जाता है। इस बजट को इंदिरा गांधी सरकार के वित्तमंत्री यशवंतराव बी चव्हाण ने पेश किया था। फिस्कल डेफिसिट से सरकार की आर्थिक स्थिति का पता चलता है। अगर फिस्कल डेफिसिट ज्यादा है तो इसे सरकार के लिए निगेटिव माना जाता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 09, 2025 पर 1:31 PM
Budget 2025: आखिर 1973 में इंदिरा सरकार में पेश बजट को 'ब्लैक बजट' क्यों कहा जाता है?
केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार फिस्कल डेफिसिट को कम करने पर लागातर जोर दे रही है।

आजादी के बाद से केंद्र सरकार हर साल यूनियन बजट पेश करती है। इस दौरान पेश कई बजटों ने इकोनॉमी की दिशा बदलने का काम किया है। कुछ बजटों ने इंडियन इकोनॉम को जंजीरों से मुक्त कर तेज रफ्तार से दौड़ने के रास्ता तैयार किया है। कुछ बजटों को बड़े टैक्स रिफॉर्म्स के लिए याद किया जाता है। लेकिन, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में पेश एक बजट को 'ब्लैक बजट' के रूप में याद किया जाता है। आखिर इस यूनियन बजट को ब्लैक बजट क्यों कहा जाता है?

1973 के यूनियन बजट में फिस्कल डेफिसिट 550 करोड़ पहुंच गया था

बजट 1973 (Union Budget) को ब्लैक बजट (Black Budget) कहा जाता है। इस बजट को इंदिरा गांधी सरकार के वित्तमंत्री यशवंतराव बी चव्हाण ने पेश किया था। इस बजट को सरकार के बहुत ज्यादा फिस्कल डेफिसिट की वजह से ब्लैक बजट का नाम दिया गया। तब सरकार का फिस्कल डेफिसिट 550 करोड़ रुपये पहुंच गया था। तब इस फिस्कल डेफिसिट को बहुत ज्यादा माना गया। तब से पहले सरकार का फिस्कल डेफिसिट कभी इस लेवल पर नहीं पहुंचा था।

सरकार की वित्तीय स्थिति को लेकर आशंका पैदा हो गई थी

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