आजादी के बाद से केंद्र सरकार हर साल यूनियन बजट पेश करती है। इस दौरान पेश कई बजटों ने इकोनॉमी की दिशा बदलने का काम किया है। कुछ बजटों ने इंडियन इकोनॉम को जंजीरों से मुक्त कर तेज रफ्तार से दौड़ने के रास्ता तैयार किया है। कुछ बजटों को बड़े टैक्स रिफॉर्म्स के लिए याद किया जाता है। लेकिन, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में पेश एक बजट को 'ब्लैक बजट' के रूप में याद किया जाता है। आखिर इस यूनियन बजट को ब्लैक बजट क्यों कहा जाता है?
