Get App

Budget 2026: छोटे एयरक्राफ्ट की मैन्युफैक्चरिंग के लिए आ सकती है इनसेंटिव स्कीम

भारत में एयरलाइंस कंपनियां रीजनल रूट्स पर हवाई सेवाओं के लिए लीज पर लिए गए एयरक्राफ्ट्स पर निर्भर हैं। विदेशी मैन्युफैक्चरर्स और लेसर्स (Lessors) ये एयरक्राफ्ट उपलब्ध कराते हैं। इससे एयरलाइंस कंपनियों की कॉस्ट काफी बढ़ जाती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 23, 2025 पर 6:45 PM
Budget 2026: छोटे एयरक्राफ्ट की मैन्युफैक्चरिंग के लिए आ सकती है इनसेंटिव स्कीम
स्मॉल एयरक्रॉफ्ट्स का मतलब ऐसे प्लेन से है, जिसकी कपैसिटी 20 सीट से कम होती है।

सरकार देश में छोटे एयरक्राफ्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए यूनियन बजट 2026 में इनसेंटिव स्कीम का ऐलान कर सकती है। यह सिविल एविएशन मैन्युफैक्चरिंग ईकोसिस्टम में आत्मनिर्भर बनने की सरकार की कोशिश का हिस्सा होगा। सरकार से जुड़े सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2026 को यूनियन बजट पेश करेंगी। हालांकि, सरकार ने अभी बजट पेश होने की तारीख का औपचारिक ऐलान नहीं किया है।

इस स्कीम की अवधि 5 साल के लिए हो सकती है

स्मॉल एयरक्रॉफ्ट्स का मतलब ऐसे प्लेन से है, जिसकी कपैसिटी 20 सीट से कम होती है। इसका इस्तेमाल छोटी दूरी की उड़ानों के लिए होता है। इस बारे में जानकारी देने वाले एक सूत्र ने कहा, "यूनियन बजट 2026 के लिए एक स्कीम तैयार की जा रही है। इस स्कीम से देश में पांच सालों में स्मॉल एयरक्राफ्ट की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। इस स्कीम का फोकस देश में ही डिजाइन, कंपोनेंट्स और एसेंबली पर होगा।"

रीजनल एयर कनेक्टिविटी प्रोग्राम को मिलेगा बढ़ावा

सब समाचार

+ और भी पढ़ें