Budget 2026: क्या सरकार अटल पेंशन के तहत मिलने वाले पेंशन के अमाउंट को बढ़ाएगी? अभी सब्सक्राइबर्स को योजना के तहत 1000 रुपये से 5000 रुपये मंथली पेंशन के तौर पर मिलते हैं। बढ़ती महंगाई के कारण ज्यादातर ये मांग कर हैं कि सरकार योजना के तहत मिलने वाले पेंशन के अमाउंट बढ़ाए। हालांकि, सरकार ने अटल पेंशन योजना की टाइमलाइन को 2030-31 तक के लिए बढ़ा दी है। अब योजना से जुड़े लाखों सब्सक्राइबर्स के मन में यही सवाल है कि क्या सरकार इस बार पेंशन का अमाउंट बढ़ाएगी?
अटल पेंशन योजना की शुरुआत मई 2015 में की गई थी। अटल पेंशन योजना के तहत सब्सक्राइबर्स को 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की गारंटीड मंथली पेंशन मिलती है। पेंशन की अमाउंट सब्सक्राइबर की उम्र और चुने गए पेंशन स्लैब पर निर्भर करती है। इसके लिए मंथली योगदान 42 रुपये से शुरू होकर 1,454 रुपये तक जाता है। सब्सक्राइबर्स का कहना है कि मौजूदा महंगाई के दौर में 1,000 या 2,000 रुपये की पेंशन से खर्च संभालना मुश्किल है। इसी वजह से वे लंबे समय से पेंशन अमाउंट बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
सरकार पहले ही कई बार साफ कर चुकी है कि फिलहाल अटल पेंशन योजना में पेंशन अमाउंट बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। सरकार का तर्क है कि अगर पेंशन अमाउंट बढ़ाया गया, तो मंथली योगदान भी बढ़ाना पड़ेगा। इससे सब्सक्राइबर्स पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसी कारण योजना को मौजूदा नियमों और शर्तों के साथ जारी रखने का फैसला किया गया है। हाल ही में सरकार ने इस योजना की समयसीमा को 2030-31 के फाइनेंशियल ईयर तक बढ़ा दिया है। इससे यह संकेत जरूर मिलता है कि सरकार योजना को लंबे समय तक जारी रखना चाहती है।
कितने लोग जुड़े हैं योजना से
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 30 नवंबर 2025 तक अटल पेंशन योजना से करीब 8.45 करोड़ लोग जुड़ चुके हैं। डेटा के अनुसार सबसे ज्यादा 86.91 फीसदी सब्सक्राइबर्स 1,000 रुपये की पेंशन स्लैब में हैं। 2,000 रुपये की पेंशन के लिए करीब 3 फीसदी लोग जुड़े हैं। 3,000 रुपये के लिए 1.41 फीसदी और 4,000 रुपये के लिए 0.53 फीसदी सब्सक्राइबर्स हैं। वहीं, 5,000 रुपये की अधिकतम पेंशन स्लैब में करीब 8.15 फीसदी लोग शामिल हैं।