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Daily Voice: लैडरअप के राघवेंद्र नाथ को बजट में किसी बड़े नीतिगत ऐलान की उम्मीद नहीं , इक्विटी बाजार पर नहीं होगा असर

Daily Voice: राघवेन्द्र नाथ को उम्मीद है कि बुनियादी ढांचे में निवेश जारी रहेगा। बजट में किसी बड़ी कर कटौती या बड़े प्रोत्साहनों के बजाय आवास, बिजली और रोजगार जैसे क्षेत्रों पर अधिक ध्यान दिया जाएगा। राघवेंद्र नाथ लैडरअप वेल्थ मैनेजमेंट के प्रबंध निदेशक हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 07, 2025 पर 12:25 PM
Daily Voice: लैडरअप के राघवेंद्र नाथ को बजट में किसी बड़े नीतिगत ऐलान की उम्मीद नहीं , इक्विटी बाजार पर नहीं होगा असर
Budget 2025 : राघवेंद्र को उम्मीद है कि बजट में किसी बड़ी कर कटौती या बड़े प्रोत्साहन उपायों के बजाय आवास,बिजली और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों पर अधिक ध्यान दिया जाएगा

Daily Voice: लैडरअप वेल्थ मैनेजमेंट के राघवेंद्र नाथ ने मनीकंट्रोल के साथ हुआ बातचीत में कहा है कि हालांकि केंद्रीय बजट पूरी अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद होगा,लेकिन इसमें ऐसे किसी बड़े नीतिगत ऐलान की संभावना नहीं दिखती है जो इक्विटी बाजार के संटीमेंट को बड़े स्तर पर प्रभावित करेगी। उन्हें उम्मीद है कि बजट में किसी बड़ी कर कटौती या बड़े प्रोत्साहन उपायों के बजाय आवास,बिजली और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों पर अधिक ध्यान देने के साथ बुनियादी ढांचे में निवेश जारी रखने पर फोकस रहेगा।

उन्हें उम्मीद है कि कई अनुकूल कारणों के चलते,वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही के नतीजे वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही के नतीजों की तुलना में बेहतर रह सकते हैं। 30 से अधिक सालों का अनुभव रखने वाले राघवेंद्र ने कहा कि त्योहारों का मौसम,सरकारी खर्च में बढ़त,उपभोक्ता मांग में सुधार और शादियों का मौसम सभी इस तिमाही के लिए सकारात्मक साबित हो सकते हैं। हालांकि,उनका यह भी कहना ​​है कि यह आकलन करना अहम होगा कि वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही के नतीजे, वित्त वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही के नतीजों की तुलना में कैसे रहते हैं।

क्या आप मानते हैं कि 2025 में बांड बाजार इक्विटी से बेहतर प्रदर्शन करेगा?

इसके जवाब में राघवेंद्र ने कहा कि बाजार के भविष्य को लेकर कुछ नहीं कहा जा सकता। ब्याज दरों और इक्विटी बाजार की दिशा का पूर्वानुमान लगाना जोखिम से भरा काम है। जिस तरह की स्थिति में हम अभी हैं उससे रेट साइकिल में उलटफेर अच्छी संभावना बनती है। महंगाई कई तिमाहियों से नियंत्रण में है। ग्रोथ की उम्मीदें सामान्य हैं। सरकार ग्रोथ को और बढ़ावा देना चाहेगी और इसके लिए क्रेडिट कॉस्ट एक अच्छा जरिया हो सकती है। दरों में किसी भी कटौती से लंबी अवधि के बॉन्ड को तुरंत फायदा होगा।

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