Post-Budget Market Reaction: कल मोदी जी ने कहा था, मिडिल क्लास पर देवी लक्ष्मी की कृपा बरसे और निर्मला जी ने इसका इंतजाम भी कर दिया। जो महीने में 1 लाख तक कमाता है। उसको इनकम टैक्स नहीं लगेगा। उससे ज्यादा कमाने वालों के इनकम टैक्स में 25 हजार से 1 लाख 10 हजार तक बचेंगे। विद्वानों की राय है कि इस बार के बजट में कंज्यूमर के लिए संदेश है कि खर्च करो। लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर पर 11 लाख करोड़ के खर्च के साथ इकोनॉमी की बुनियाद पर फोकस भी कायम है। वित्तीय घाटे का लक्ष्य 4.4% रखा गया है।
विदेशी निवेश, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग से लेकर AI तक को बजट से जरिए पुश मिलेगा। खेती किसानी को लाभकारी रखने और देश की जरूरत के हिसाब से ढालने के लिए कई योजनाएं लाई गई हैं। कैंसर की दवाएं, लिथियम आयन बैटरी और मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स सस्ते किए गए हैं। कुल मिलाकर सीतारमण ने सबको खुश करने की कोशिश की है लेकिन बजट से क्या बाजार दिगग्ज खुश हुए और क्या बजट के बाद बाजार में फिर से रैली लौटेगी। क्या कहते है बाजार एक्सपर्ट्स। डालते है एक नजर।
CII के प्रेसिडेंट संजीव पुरी ने कहा कि यह एक प्रोत्साहित करने वाला बजट रहा। मुख्य सेक्टर पर ज्यादा ध्यान दिया गया है। यह एक स्थिरता वाला बजट है। रिफॉर्म के लिए बड़े एलान पॉजिटिव कदम है। डिलिवरी पर्सन का भी बजट में ख्याल रखा गया। FY26 के लिए `11.2 लाख करोड़ का CAPEX अच्छा आंकड़ा है। उन्होंने कहा कि यह एक बेहद संतुलित बजट है।
Capitalmind के फाउंडर & CEO दीपक शेनॉय का कहना है कि शनिवार के चलते बाजार की चाल का सही अंदाजा लगना मुश्किल है। क्योंकि बाजार में एफआईआई की आज भागीदारी कम हो गई। वहीं म्यूचुअल फंड आज बाजार से दूर होंगे। जिसके चलते आज बाजार एकतरफा कामकाज कर रहा है। ऐसे में शनिवार को बाजार में आए रिएक्शन को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। हालांकि कंजम्शन प़ॉजिटिव होगा। बजट को देखते हुए ये कहा जा सकता है कि टूरिज्म, ड्यूरेबल्स शेयरों पर निवेशकों को फोकस ज्यादा होगा। बजट में इंडस्ट्रियल बदलाव काफी अहम है। बजट में शिफिंग, डिफेंस, मैन्यूफैक्चरिंग को लेकर काफी अहम बदलाव हुए है।
दीपक शेनॉय ने सीएनबीसी-आवाज के साथ अपनी इस बातचीत में आगे कहा कि फिलहाल बाजार का सारा फोकस कंजम्शन पर है। दीपक शेनॉय ने आगे कहा कि सरकार कैपेक्स में कितनी ही बढ़ोतरी करेगी। अब प्राइवेट सेक्टर की बारी है कि प्राइवेट कैपेक्स में बढ़त आए। इंडस्ट्रियल ट्रेड का ग्रोथ अभी 4-5 फीसदी पर चल रहा है। इसकी दो मुख्य वजह है । पहली कैपिटल यूटिलाइजेशन उतनी नहीं हो रही थी जितनी होनी चाहिए थी। क्योंकि डिमांड उतना नहीं था। और दूसरी इंटरेस्ट रेट का ज्यादा होना। इसलिए मेरा मानना है कि अब कैपेक्स की जिम्मेदारी प्राइवेट सेक्टर की है।
Tata Chemicals के MD & CEO आर मुकुंदन ने कहा है कि इस बार वित्त मंत्री ने अपने तीन बड़े लक्ष्यों को पूरा किया है। वहीं Deki Electronics के MD विनोद शर्मा ने कहा कि डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स पर लिए गए फैसले का पॉजिटिव असर इकोनॉमी पर पडे़गा। उधर बजट पर Rasna Group के चेयरमैन पिरुज खंबाटा ने कहा कि इनकम टैक्स से मिडिल क्लास को जो राहत मिली है उससे माहौल पॉजिटिव बनेगा और इससे ग्रोथ को बूस्ट मिलेगा।
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