Get App

Fiscal Deficit: जून तिमाही में वित्तीय घाटा FY26 के बजट लक्ष्य के 17.9% पर, कैपेक्स रहा ₹2.75 लाख करोड़

जून तिमाही में टैक्स कलेक्शन 5.40 लाख करोड़ रुपये का रहा। सरकार का कुल खर्च जून 2025 तिमाही में 12.22 लाख करोड़ रुपये या पूरे वित्त वर्ष के लक्ष्य का 24.1 प्रतिशत रहा। अनुमान है कि FY26 के दौरान राजकोषीय घाटा, GDP का 4.4 प्रतिशत या 15.69 लाख करोड़ रुपये रहेगा

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Jul 31, 2025 पर 9:56 PM
Fiscal Deficit: जून तिमाही में वित्तीय घाटा FY26 के बजट लक्ष्य के 17.9% पर, कैपेक्स रहा ₹2.75 लाख करोड़
सरकार का कुल खर्च जून 2025 तिमाही में 50.65 लाख करोड़ रुपये या पूरे वित्त वर्ष के लक्ष्य का 24.1 प्रतिशत रहा।

केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा जून के अंत में पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए घाटे के लक्ष्य का 17.9 प्रतिशत रहा। कंट्रोलर जनरल ऑफ अकाउंट्स (CGA) की ओर से 31 जुलाई को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। राजकोषीय घाटा सरकार के खर्च और आमदनी के बीच का अंतर होता है। इसे वित्तीय घाटा भी कहते हैं। अप्रैल-जून 2025 तिमाही में इसका आंकड़ा 2,80,732 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

एक साल पहले जून तिमाही के दौरान राजकोषीय घाटा, लक्ष्य के 8.4 प्रतिशत पर था। केंद्र का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान राजकोषीय घाटा, सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 4.4 प्रतिशत या 15.69 लाख करोड़ रुपये रहेगा।

नेट टैक्स रेवेन्यू 5.40 लाख करोड़ 

भारत सरकार को जून, 2025 तक 9.41 लाख करोड़ हासिल हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, जून 2025 तिमाही में सरकार का नेट टैक्स रेवेन्यू 5.40 लाख करोड़ रुपये रहा। यह वित्त वर्ष 2026 के लिए लक्ष्य के 19 प्रतिशत पर पहुंच चुका है, जबकि जून 2024 तिमाही में यह लक्ष्य के 21.3 प्रतिशत पर था। नॉन टैक्स रेवेन्यू 3.73 लाख करोड़ रुपये या बजट एस्टिमेट का 64% हो गया। CGA के आंकड़ों से पता चला है कि सरकार ने टैक्सेज के हिस्से के ट्रांसफर के रूप में राज्य सरकारों को 3,26,941 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। पिछले साल 47,439 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें