Get App

CBSE science exam scoring tips: 10वीं के साइंस पेपर में मुश्किल नहीं है 90+ का स्कोर, ये टिप्स करेंगे आपकी मदद

CBSE science exam scoring tips: 10वीं कक्षा में साइंस का पेपर बहुत अच्छा स्कोर करने वाला विषय है। इसके बावजूद छात्र इसमें चूक जाते हैं। बोर्ड के सीनियर टीचरों का कहना है कि इसके लिए पेपर को अटेंप्ट करने का तरीका जिम्मदार होता है। जानिए एग्जाम हॉल के 30 मिनट कैसे तय करते हैं स्कोर

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 08, 2026 पर 11:40 AM
CBSE science exam scoring tips: 10वीं के साइंस पेपर में मुश्किल नहीं है 90+ का स्कोर, ये टिप्स करेंगे आपकी मदद
साइंस की परीक्ष जानकारी के साथ-साथ रणनीति और प्रेजेंटेशन के बारे में भी है।

CBSE science exam scoring tips: 10वीं कक्षा की परीक्षा शुरू होने में बहुत समय नहीं बचा है। छात्रों में अपने पहले बोर्ड परीक्षा के अनुभव को लेकर मिलीजुली भावनाएं हैं। थोड़ा उत्साह है, थोड़ा डर और थोड़ी घबराहट है। 10वीं के जो स्टूडेंट्स साइंस के पेपर में 90 से ऊपर नंबर लाने का टार्गेट लेकर चल रहे हैं, वे सिलेबस को पूरी गंभीरता से रिवाइज कर रहे हैं, न्यूमेरिकल्स की प्रैक्टिस कर रहे हैं, और डेफिनिशन याद कर रहे हैं। हालांकि, हर साल ये प्रक्रिया फॉलो करने वाले बहुत से छात्र अपना लक्ष्य पाने से चूक जाते हैं। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) के सीनियर टीचर्स और इवैल्यूएटर्स के अनुसार, अक्सर दिक्कत तैयारी में नहीं, बल्कि पेपर को कैसे अटेम्प्ट किया जाता है, उसमें होती है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि साइंस की परीक्ष जानकारी के साथ-साथ रणनीति और प्रेजेंटेशन के बारे में भी है। वरिष्ठ साइंस टीचर नमिता मिश्रा कहती हैं, "स्टूडेंट्स को अक्सर जवाब पता होते हैं, लेकिन वे घबरा जाते हैं और सबसे मुश्किल सवालों से शुरू करते हैं, जिससे उनके मार्क्स कट जाते हैं। 20 से ज़्यादा सालों के इवैल्यूएशन अनुभव वाली नमिता कहती हैं शांत और कॉन्फिडेंट शुरुआत पूरे पेपर का स्कोर बदल देती है। जानें साइंस के पेपर में क्या रणनीति करती है काम?

"बड़े" सवालों से शुरू न करें

अक्सर छात्र 5-मार्क्स वाले सवाल पहले करने से पेपर शुरू करते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंबे जवाबों में समय लगता है, क्लैरिटी की जरूरत होती है, और पेपर की शुरुआत में ही स्ट्रेस बढ़ सकता है। इसके बजाय, पेपर की शुरुआत उन सवालों से करें जिनके बारे में आप कॉन्फिडेंट हैं, चाहे वे कितने भी मार्क्स के हों। इससे घबराहट कम होती है और नंबरों का एक हिस्सा तय हो जाता है।

वह स्मार्ट ऑर्डर जो सच में काम करता है

सब समाचार

+ और भी पढ़ें