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JNVST Admission 2026-27: आवेदन की आखिरी तारीख कल, दिसंबर में पहले चरण की परीक्षा के लिए ऐसे भरें फॉर्म

JNVST Admission 2026-27: कक्षा छह में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया कल यानी 27 अगस्त को समाप्त हो जाएगी। इसके तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश के लिए छात्रों के आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 26, 2025 पर 11:20 PM
JNVST Admission 2026-27: आवेदन की आखिरी तारीख कल, दिसंबर में पहले चरण की परीक्षा के लिए ऐसे भरें फॉर्म
जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 6 में प्रवेश के लिए 27 अगस्त को आवेदन करने की आखिरी तारीख है।

JNVST Admission 2026-27: जवाहर नवोदय विद्यालय समिति (NVS) ने अगले शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश के लिए छात्रों के आवेदन मांगे हैं। इसके तहत कक्षा छह में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। जेएनवीएसटी की आवेदन प्रक्रिया की कल यानी 27 अगस्त को आखिरी तारीख है। जो छात्र अब भी इन स्कूलों के लिए आवेदन करन चाहते हैं, वे समिति की आधिकारिक वेबसाइट navodaya.gov.in या cbseitms.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जो पेरेंट अपने बच्चे को नवोदय विद्यालय में पढ़ाना चाहते हैं, वे इस फॉर्म 27 अगस्त का दिन खत्म होने से पहले ऑनलाइन भर सकते हैं।

दो चरणों में होगी प्रवेश परीक्षा

कक्षा छह में प्रवेश के लिए जेएनवीएसटी की परीक्षा दो चरणों में आयोजित की जाएगी। इसमें पहले चरण का एग्जाम 13 दिसंबर 2025 को होगा, जबकि दूसरे चरण की परीक्षा 11 अप्रैल 2026 को होगी। हर नवोदय विद्यालय में कक्षा छह के लिए 80 सीटों पर छात्र प्रवेश परीक्षा के माध्यम से चुने जाएंगे। नवोदल विद्यालय के नए शैक्षिक सत्र में कक्षा छह में प्रवेश पाने के लिए इस परीक्षा में सफल होना अनिवार्य होगा।

सीट आरक्षण के नियम

बता दें नवेदय विद्यालय में 75% सीटें ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए आरक्षित होती हैं, जबकि शेष 25% सीटों पर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थियों को मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाता है। ग्रामीण कोटे का लाभ लेने के लिए छात्र को अपने जिले के किसी ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त या मान्यता प्राप्त स्कूल से कक्षा 3, 4 और 5 पास करना अनिवार्य है।

शहरी छात्रों की पात्रता

शहरी क्षेत्र के स्कूल से कक्षा 3, 4 और 5 की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को शहरी छात्र माना जाएगा और वे ग्रामीण कोटे के पात्र नहीं होंगे। यह नियम सुनिश्चित करता है कि अधिकतम ग्रामीण बच्चों को नवोदय विद्यालय में पढ़ाई का अवसर मिले।

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