UP Board Exam 2026 Guidelines: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) 18 फरवरी से राज्य के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर शैक्षिक सत्र 2025-26 की हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करेगा। इससे पहले यूपी बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों, अभिभावकों और परीक्षकों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने परीक्षा में सोशल मीडिया पर फेक न्यूज से बचने के लिए रेड एलर्ट जारी किया है। बोर्ड का पूरा फोकस इस बार नकल मुक्त परीक्षा कराने पर है। इसके लिए बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए हैं, बल्कि छात्रों की सुविधा का ध्यान रखते हुए कई तरह के इंतजाम भी किए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ‘परीक्षा की शुचिता’ से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही छात्रों की गरिमा और मानसिक स्वास्थ्य का भी खास ध्यान रखा जाएगा।
सोशल मीडिया पर फेक न्यूज के लिए रेड अलर्ट
यूपीएमएसपी ने अपने एक्स अकाउंट पर यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 से जुड़ा रेड अलर्ट जारी किया है। इसमें लिखा गया है कि सोशल मीडिया पर परीक्षा से संबंधित अपुष्ट और फेक न्यूज प्रसारित की जा रही है। यूपी बोर्ड से संबंधित सभी आधिकारिक सूचनाएं केवल ऑफिशियल वेबसाइट https://upmsp.edu.in पर ही उपलब्ध हैं। इसलिए अन्य सोर्सेस से आने वाली खबरों पर यकीन न करें।
इस बार यूपी बोर्ड की परीक्षाएं तकनीक के सख्त पहरे में आयोजित की जाएंगी। परीक्षा केंद्रों के अंदर निगरानी के लिए वॉयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनकी मॉनीटरिंग जिला और राज्य स्तर के कंट्रोल रूम से की जाएगी। बोर्ड प्रशासन इस पूरे तंत्र को तीसरी आंख कह रहा है।
जांच के नाम पर छात्रों को नहीं होगी असुविधा
10वीं-12वीं कक्षा के छात्रों को बोर्ड परीक्षा के दौरान तलाशी के नाम पर कई तरह की असुविधा झेलनी पड़ती है। इस बाद यूपी बोर्ड प्रशासन ने छात्रों की गरिमा और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कई तरह के बदलाव किए हैं। इसके तहत, तलाशी के नाम पर छात्रों को जूते-मोजे उतारने को नहीं कहा जाएगा। बोर्ड निर्देशानुसार, इस बार छात्रों की सघन तलाशी की प्रक्रिया परीक्षा केंद्र के मेन गेट पर ही पूरी कर ली जाएगी। क्लास के अंदर किसी भी छात्र को बार-बार डिस्टर्ब नहीं किया जाएगा और उनका समय भी बर्बाद नहीं होगा।
सिर्फ महिला परीक्षक ही लेंगी छात्राओं तलाशी
बोर्ड परीक्षा में छात्राओं की सुरक्षा और गरिमा का ध्यान रखते हुए बोर्ड ने अलग से सख्त निर्देश दिए हैं। छात्राओं की तलाशी सिर्फ महिला परीक्षक ही लेंगी, किसी भी छात्रा की तलाशी पुरुष शिक्षक नहीं लेंगे। इस निर्देश का पालन करने और परीक्षार्थियों के साथ किसी भी तरह का अभद्र व्यवहार न करने की पूरी जिम्मेदारी केंद्र व्यवस्थापकों की होगी।
रोज होगी सीसीटीवी और वॉयस रिकॉर्डर की जांच
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं वॉयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में करवाई जा रही हैं। इनके ठीक रखरखाव के लिए केंद्र व्यवस्थापकों को हर दिन इन डिवाइस की जांच करनी होगी। कोई कैमरा या रिकॉर्डर खराब होने की सूचना तुरंत DIOS और कंट्रोल रूम को देनी होगी। इन कैमरों की फुटेज और रिकॉर्डिंग को कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा। इससे किसी भी विवाद की स्थिति में सबूत पेश किए जा सकेंगे।
स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर लगेंगे AI इंफ्रारेड कैमरे
यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 में इस बार AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित इंफ्रारेड कैमरों की मदद से पेपर लीक की घटनाएं रोकने की तैयारी की है। प्रश्न पत्रों को रखने वाले स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर कम से कम तीन AI इंफ्रारेड कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे 24×7 निगरानी करेंगे और बिजली जाने की स्थिति में भी इनके पास अपना पावर बैकअप होगा। स्ट्रांग रूम के आस-पास संदिग्ध गतिविधि का सिस्टम तुरंत अलर्ट जेनरेट करेगा।