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Bihar Election: सांसद वीणा देवी और पति दिनेश सिंह को चुनाव आयोग का नोटिस, दो वोटर ID मामले में तेजस्वी ने लगाया था आरोप!

Bihar Elections 2025: वीणा देवी चिराग पासवान की पार्टी LJP (रामविलास) से सांसद हैं, जबकि दिनेश सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी JDU से MLC हैं। दोनों का पैतृक घर साहेबगंज विधानसभा क्षेत्र के बड़ा दाउद गांव में है, जहां ये मूल रूप से वोटर हैं। लेकिन मुजफ्फरपुर-94 विधानसभा क्षेत्र के शहरी इलाके में भी इनका आवास है, और वहां के पते से भी इनके नाम वोटर लिस्ट में शामिल हैं

Suresh Kumarअपडेटेड Aug 14, 2025 पर 3:04 PM
Bihar Election: सांसद वीणा देवी और पति दिनेश सिंह को चुनाव आयोग का नोटिस, दो वोटर ID मामले में तेजस्वी ने लगाया था आरोप!
Bihar Election: सांसद वीणा देवी और पति दिनेश सिंह को चुनाव आयोग का नोटिस

बिहार में डबल वोटर का मामला इन दिनों सियासी गर्मी बढ़ा रहा है। अब इस विवाद में वैशाली लोकसभा सांसद वीणा देवी और उनके पति MLC दिनेश सिंह का नाम भी दो वोटर लिस्ट वाले मामले में शामिल हो गया है। चुनाव आयोग ने दोनों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। आरोप है कि दोनों पति-पत्नी के नाम दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की वोटर लिस्ट में दर्ज हैं और उनके पास दो-दो वोटर आईडी कार्ड हैं।

वीणा देवी चिराग पासवान की पार्टी LJP (रामविलास) से सांसद हैं, जबकि दिनेश सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी JDU से MLC हैं। दोनों का पैतृक घर साहेबगंज विधानसभा क्षेत्र के बड़ा दाउद गांव में है, जहां ये मूल रूप से वोटर हैं। लेकिन मुजफ्फरपुर-94 विधानसभा क्षेत्र के शहरी इलाके में भी इनका आवास है, और वहां के पते से भी इनके नाम वोटर लिस्ट में शामिल हैं। चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, एक व्यक्ति का नाम केवल एक ही विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में होना चाहिए, जबकि इनलोगों का नाम अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में शामिल है।

इस मामले पर गुरुवार को राजद नेता तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए एनडीए पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल किया कि जब विपक्ष के नेताओं पर फौरन कार्रवाई होती है, तो सत्ताधारी दल के नेताओं पर क्यों नरमी बरती जा रही है।

वहीं, इस मामले पर सांसद वीणा देवी ने सफाई देते हुए कहा कि यह बीएलओ (BLO) की गलती है। उन्होंने बताया कि शादी के बाद उनका नाम शहरी बूथ पर दर्ज था, लेकिन जिला परिषद चुनाव लड़ने के समय उन्होंने गांव में नाम जुड़वाया। इसके बाद से वे सभी चुनाव गांव से ही वोट डालकर रही हैं। वीणा देवी का कहना है कि उन्होंने शहरी क्षेत्र से नाम हटाने के लिए आवेदन भी दिया था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। साथ ही, उन्होंने कहा अब वे फिर से BLO को बुलाकर एक जगह से नाम हटवाएंगी।

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